Ikigai Book Summary Hindi

परिचय

इकीगाई किताब हमें हमारी बढ़ती उम्र की ओर ध्यान आकर्षित करती है। आज के दौर में, जहां तकनीक हमारे काम को आसान बना रही है, वहीं हमारी जीवनशक्ति भी घटती जा रही है। यह किताब उन लोगों के रहस्यों पर आधारित है जिन्होंने लंबी उम्र पाई है।

लेखक Hector Garcia और Francesc Morales की पुस्तक Ikigai हमें लंबे जीवन के रहस्यों से परिचित कराती है। इस पुस्तक में बताया गया है कि जो लोग अपने पसंदीदा काम में लगे रहते हैं, वे समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं। इसके विपरीत, जो लोग मन से युवा रहते हैं, वे कभी भी रिटायर नहीं होते। यह पुस्तक उन पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिनसे उम्र बढ़ने के संकेत धीरे-धीरे हमारे शरीर पर दिखाई देते हैं।



Table Contents

  1. परिचय
  2. इकिगाई का मतलब
  3. उम्र न बढ़ने का राज
  4. लोगोथैरेपी से इकिगाई की खोज
  5. कार्य में प्रवाह की खोज
  6. शतायु लोगों की सीख
  7. निष्कर्ष
  8. बुक कोट्स


इकिगाई का मतलब

इकिगाई शब्द जापान के लोगों की लंबी आयु के राज को बताता है जिसका सामान्य अर्थ है 'हमेशा व्यस्त रहने से मिलने वाला आनंद'।

हमारे अस्तित्व की वजह ढूंढना या अपने जीवन का उद्देश्य ढूंढ़ना इकिगाई कहलाता है। कहते है कि इस संसार में आने वाला हर व्यक्ति अपना इकिगाई साथ लेकर आता है, और जीवन जीते हुए अपने इकिगाई को ढूंढ़ने का प्रयास करता है।

ऐसा माना जाता है कि भगवान इस धरती पर हमें किसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए ही भेजते है। और संसार की सभी परिस्थितियाँ हमें हमारे उद्देश्य की ओर ले जाती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हम कार्य करना छोड़ दे, अगर हम कार्य करना छोड़ते है तो परिस्थितियाँ हमें कार्य करने पर मजबूर कर देती है।

हमारा इकिगाई हमारे अंदर ही गहराइयों में छुपा होता है, उसे खोजने की कोशिश करने में आत्म-संयम, दृढ़ता और कार्य के प्रति लगन विकसित करना होगा। हमारा इकिगाई, हमारी अनुकूलता के अनुसार धीरे-धीरे हमारे अंदर से बहार आ जाता है।


उम्र न बढ़ने का राज

कुछ लोग वास्तविक उम्र से ज्यादा बूढ़े दिखते हैं। यह अध्ययन से पता चला है कि तनाव इसके पीछे की महत्वपूर्ण वजह है। कोई भी अन्य कारण शरीर को उतना नुकसान नहीं पहुंचाता जितना तनाव पहुंचाता है।

तनाव को कम करने के लिए शरीर में थोड़ी हलचल और एक नई सोच की आवश्यकता होती है। तनाव को कम करने के कुछ तरीके इस प्रकार है;

  1. अगर संभव हो तो ऑफिस पैदल जाए। अगर नहीं हो, रोज कम-से-कम 20 मिनट पैदल चले।
  2. सही मात्रा में नींद ले। 7-8 घंटे की नींद हमारे लिए सही है, और इससे ज्यादा नींद हमें सुस्त बना सकती है।
  3. लिफ्ट के बजाई सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। इससे हमारी मांसपेशियां मजबूत होगी, सांस लेने की क्षमता भी अच्छी होती जाती है।
  4. अपने रोज के कामों को सजकता से देखें। शरीर को हानि पहुंचाने वाली आदतों को पहचाने और उनकी जगह पर नई सकारात्मक आदत डालें।
  5. जंक फ़ूड की बजाय फल खाना शुरू करें। इससे बार-बार भोजन की आवश्यकता नहीं होगी और शरीर को ज्यादा अच्छा खाना मिलेगा।
  6. सामाजिक कार्यों में सम्मिलित हो। यह तनाव को कम करने का बेहतर तरीका है कि हम अपने दोस्तों, रिश्तेदारों या सामाजिक समारोह में भाग लें।
  7. छोटे बच्चे या फिर जानवरों के साथ खेलें या किसी खेल टीम के सदस्य बने। इससे शरीर तो तंदुरस्त होता ही है साथ ही मन को भी नई ऊर्जा मिलती है, और आत्म विश्वास भी बढ़ता है।

लोगोथैरेपी से इकिगाई की खोज

लोगोथैरेपी, लोगों को उनके जीवन का उद्देश्य समझाने में सहयोग करती है जिसकी वजह से उनके जीवन को अर्थ प्राप्त होता है। उन्हें जीने की नई उम्मीद मिलती है और वे नए जोश और उत्साह के साथ आगे का जीवन जीने लगते हैं। साथ ही वे अपनी नकारात्मक कार्यशैली को बदलना और समस्याओं पर विजय प्राप्त करना भी सीख लेते हैं।

लोगोथैरेपी का महत्व आज के समय में इसलिए भी बढ़ जाता है कि आज के आधुनिक समाज में लोग उन्हें क्या करना अच्छा लगता है, वह करने के बजाय उन्हें जो बताया जाता है वह करते हैं। या यु कहे खुद की पसंद का काम छोड़कर दूसरे जो काम कर रहे हैं वह काम करते हैं।

लोगोथैरेपी हमें आरामदायक और सुस्त जीवन जीने के बजाये चुनौतियों से भरा जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है। ताकि हम अपने उद्देश्य की ओर तीव्रता से बढ़ सकें।

लोगोथैरेपी को अगर संक्षेप में बताना है तो इन पांच बातों में बताया जा सकता है;

  1. हमें अपने जीवन में खालीपन, चिंता और निराशा का एहसास होता है।
  2. थैरेपिस्ट हमें यकीन दिलाता है कि इसका अर्थ है कि हमें अपने जीवन का उद्देश्य जानने की तीव्र इच्छा हो रही है।
  3. हमें हमारे जीवन का उद्देश्य मिल जाता है खासकर निराशा के समय में।
  4. हम नए उद्देश्य की मदद से समस्याओं पर विजय प्राप्त करते है। और नई विचारधारा और सकारात्मक नजरिए से जीवन जीने लगते है।
  5. हम अपनी मर्जी से उस उद्देश्य का चयन करते है और उसे निखारते है।

कार्य में प्रवाह की खोज

जब हम प्रवाह की अवस्था में जाते हैं तो हम उस कार्य में पूरी तरह से खो जाते हैं। उस समय हमारे मन में कोई दूसरा विचार नहीं होता है। लेकिन जब हम प्रवाह में नहीं होते हैं तो हम काम करते रहते हैं और हमारा मन दूसरे विचारों में खोया हुआ होता है।

इकिगाई को कार्य की प्रवाह अवस्था से जोड़कर देखा जाए तो हमारे पास एक ही सवाल होता है कि 'वह कौनसा कार्य है जिसे करते समय हम इतने आनन्दित होते है कि हमें समय का ख्याल ही नहीं होता?' इस सवाल का जवाब ढूंढना ही हमारा इकिगाई हो सकता है।

हमें किसी कार्य में प्रवाह अवस्था में जाने के लिए सात प्रश्नों के जवाब पता होना जरुरी है जो इस प्रकार है;

  1. क्या करना है?
  2. कैसे करना है?
  3. हम कितने अच्छे तरीके से कर सकते हैं?
  4. कहां जाना है?
  5. सामने कौन-सी चुनौतियां है?
  6. कौन-सी कुशलताओं की जरूरत है?
  7. मन विचलित होने से कैसे रोक सकते है?

प्रवाह अवस्था एक ऐसा रहस्य है, जिसे हम जितना अनुभव करते है उतना ही उसके नजदीक पहुंचते जाते है। जब प्रवाह का अनुभव बार-बार मिलने लगता है तब हम बहुत जल्दी ही अपने इकिगाई को खोज सकते है।


शतायु लोगों की सीख

चिंता नहीं करना। लंबी आयु का एक राज 'मन से सदा युवा रहना और मन को कभी भी बूढ़ा नहीं होने देना' है। अगर हमें चिंता दूर करनी है तो उसका सबसे आसान तरीका यह है कि लोगों के साथ घुल मिलकर रहना और उनसे बातचीत करना।

अच्छी आदतें। ऐसी अच्छी आदतें बनाना जो हमें खुशी देती हो और जिसे हम हर दिन करना पसंद करते हो। इस प्रकार की आदतें हमारी ऊर्जा को बढ़ा देती है।

अपनी दोस्ती को रोज सींचे। अपने पसंद के लोगों से प्रतिदिन बातचीत करने का समय निकले।

आराम से जिए। आराम से और सहजता से जीना और जल्दीबाजी नहीं दिखाना।

सकारात्मक बने। अपने जीवन के प्रति और दूसरों के प्रति सकारात्मक नजरिया बनाए रखें।

सदा सीखते रहे। भले ही हम बुजुर्ग हो जाएँ और हमारा शरीर थक जाए, भले ही हमारे शरीर में तकलीफ हो रही हो और दर्द हमें दिन-रात जगाता रहे, भले ही हमारे सपने नष्ट हो गए हो और हमारा आत्मविश्वास कम हो गया हो, तो भी सदा सीखते रहें, क्योंकि यही एकमात्र चीज है जो परिस्थितियों को बदल सकती है।


निष्कर्ष

इकिगाई बुक से हमने इन पांच बातों को जाना, जो इस प्रकार है;

  1. जीवन जीने के लिए एक इकिगाई होना जरुरी है।
  2. इकिगाई की सफलता के लिए अपने शरीर पर भी ध्यान देना होगा।
  3. जो लोग इकिगाई की खोज में है उनकी मदद लोगोथैरेपी कर सकती है।
  4. अपनी पसंद के कार्य को अपना इकिगाई बनाये।
  5. बूढ़े-बुजुर्ग लोगों से उनके बेहतर अनुभवों को ग्रहण करने की कोशिश करें।

बुक कोट्स

"लंबे जीवन का राज खाद्य-संस्कृति, व्यायाम, इकिगाई को जानना तथा सामाजिक जुड़ाव जैसी बातों में छुपा है।"

"समस्या में होते हुए भी चेहरे की हंसी नहीं खोने वाला इंसान हमेशा युवा दिखता है।"

"हम कैसा जीवन जीते हैं यह बात भी लंबी उम्र के लिए महत्वपूर्ण होती है।"

"लोगोथेरेपी के हिसाब से जब भी किसी इंसान को उसके जीवन का उद्देश्य प्राप्त होता है तो वह अपने अस्तित्व की लड़ाई जीत लेता है।"

"हम जैसा, हमेशा करते हैं वैसे बनते हैं। इसलिए श्रेष्ठता कोई क्रिया नहीं है यह तो हमारी आदत है।"

"आनंदित इंसान को वर्तमान में ही इतना आनंद मिलता है कि उसे भविष्य के विचारों में खोने की जरूरत ही नहीं होती है।"

"खाना खाए, नींद लीजिए और दीर्घायु बनिए। आपको आराम करने की कला सीखनी होगी।"

"हमने अपने मन और शरीर को सक्रिय रखा तो हम यकीनन लंबी उम्र तक जिएंगे।"

"हमें हमेशा खुश रहना हो तो कोई ऐसा लक्ष्य खोजना होगा, जिसके लिए हमारे दिल में बेपनाह मोहब्बत हो और हमेशा कुछ ना कुछ हासिल करने की उम्मीद हो।"

"हमारे साथ क्या घटना घटती है यह महत्वपूर्ण नहीं है महत्वपूर्ण यह है कि हम उस घटना पर क्या प्रक्रिया देते हैं।"

"एक ही पल है जिसे हम सही मायने में जी सकते हैं और वह है वर्तमान का पल।"

"खुशी कोई लूट नहीं सकता, वह हमेशा हमारे अंदर ही होती है।"

"जीवन उद्देश्य का अर्थ कोई महान कार्य करना ही हो ऐसा नहीं है। शायद अच्छे माता-पिता बनना या पड़ोसी की मदद करने में भी हमें हमारा इकिगाई मिल सकता है।"

"जीवन कोई पहेली नहीं है जिसे हल करना है। सिर्फ ऐसी सोच रखें जिससे हम अपने सबसे पसंदीदा काम के साथ जुड़े रहे और उस काम में व्यस्त रहे।"


END

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