Time Management Book Summary Hindi

परिचय

"Time Management" किताब बताती है कि असल में हमारे पास समय की कमी नहीं होती, बल्कि हम एक साथ बहुत सारी चीजें हासिल करना चाहते हैं। जल्दबाजी में हम अपनी गुणवत्ता खो देते हैं, जिससे वही काम बाद में और अधिक समय लेता है।

लेखक Dr. Sudhir Dixit द्वारा लिखित "टाइम मैनेजमेंट" किताब हमें समय का सही उपयोग करने की ओर ले जाती है। किताब के अनुसार, सफलता और असफलता हमारे समय मैनेजमेंट पर ही निर्भर करती है। पहले समय को लेकर इतनी चिंता नहीं थी, और अपने पहले से निर्धारित कार्य करते रहते थे। पर आज हम जाने-अनजाने में समय की उपयोग करना भूल गए है। ऐसा क्यों हो रहा है और इसे कैसे मैनेज कर सकते है? यह बुक इन्हीं सवालों के जवाब देने का प्रयास करती है।

यह बुक कोई सोर्टकट फार्मूला नहीं देती है जिसे फॉलो करके हम टाइम मैनेजमेंट सीख सकें, और ऐसा कोई किताब कर भी नहीं सकती। इसलिए इस बुक की हर बात नहीं तो कम-से-कम एक बात फॉलो करना और एक बात को कम करके देखिए, ताकि आप अपने जीवन में दैनिक फर्क को देख सकें।



Table Contents
  1. परिचय
  2. समरी
    1. समय की डायरी बनाना
    2. स्पष्ट आर्थिक लक्ष्य बनाना
    3. सबसे महत्वपूर्ण काम पहले करना
    4. यात्रा के समय का उपयोग
    5. काम सौंपना सीखना
    6. पैरेटो के 20/80 नियम
    7. पार्किंसन का नियम
    8. प्राइम टाइम की खोज
    9. खुद पर कार्य करना
    10. टाइम टेबल बनाना
    11. कार्य को शुरू करना
    12. कार्य क्षमता बढ़ाना
    13. डेडलाइन तय करना
    14. समय खरीदना
    15. सफलता के लिए त्याग
    16. निश्चित कार्य निश्चित समय पर करना
    17. समय का गुरुत्वाकर्षण नियम
    18. न्यूटन का पहला नियम
    19. परिणाम का महत्व
    20. सुबह का लाभ लेना
    21. हर दिन व्यायाम करना
    22. टीवी से बचकर रहना
    23. मोबाइल का उपयोग सिमित करना
    24. इंटरनेट का उपयोग कम करना
    25. आलस को मैनेज करना
    26. टालमटोल न करना
    27. अवचेतन मन का लाभ लेना
    28. बुरी लातों को मैनेज करना
    29. सापेक्षता का नियम
  3. निष्कर्ष
  4. बुक कोट्स


समरी

समय की डायरी बनाना

अपने समय को जानने के लिए एक डायरी रखें और एक सप्ताह तक यह रिकॉर्ड करें कि हम किस काम में कितना समय खर्च कर रहे हैं।

उसके बाद अपनी डायरी का विश्लेषण इस सोच के साथ करें कि हमारे द्वारा किए गए कौन-से काम महत्वपूर्ण है और कौन-से महत्वहीन। कहां से समय निकाला जा सकता है और किन कामों को पूरी तरह से छोड़ा जा सकता है।

समय मैनेजमेंट में दोष आपका नहीं है वास्तव में आपको यह एहसास ही नहीं होता है कि आपका कितना समय अनावश्यक रूप से खर्च हो रहा है और कहां हो रहा है। यह एहसास तो डायरी रखने के बाद ही होता है।


स्पष्ट आर्थिक लक्ष्य बनाना

सामान्य लक्ष्य इस प्रकार के होते हैं जैसे 'मैं और ज्यादा मेहनत करूंगा' या 'मैं अपनी कार्य कुशलता बढ़ाऊंगा' या 'मैं अपनी योग्यता में वृद्धि करूंगा' इत्यादि।

दूसरी ओर स्पष्ट लक्ष्य इस प्रकार के होते हैं जैसे 'मैं हर दिन 8 घंटे काम करूंगा' या 'मैं हर महीने ₹20,000 कमाऊंगा' या 'मैं सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग का कोर्स करूंगा'।

स्पष्ट लक्ष्य वे होते हैं जिन्हें नापा या जांचा जा सकता है। इसलिए हमें अपने लिए स्पष्ट आर्थिक लक्ष्य बनाने होंगे।


सबसे महत्वपूर्ण काम पहले करना

मूर्ख व्यक्ति, जो काम अंत में करता है, बुद्धिमान व्यक्ति उस काम को तत्काल कर देता है। दोनों एक ही काम करते हैं, फर्क सिर्फ समय का होता है।

अधिकांश बड़े लक्ष्य हासिल ना हो पाने का कारण यह है कि हम छोटी चीजों को पहले करने में अपना समय बर्बाद कर देते हैं।

हर महत्वाकांक्षी व्यक्ति को अपने सबसे महत्वपूर्ण काम सबसे पहले करने होंगे, और इसके लिए उसे यह पता करना है कि सबसे महत्वपूर्ण काम कौन-से हैं। हमें अपनी प्राथमिकताओं की स्पष्ट योजना बनानी होगी।


यात्रा के समय का उपयोग

यात्रा के दौरान, ज्यादातर लोग या तो मोबाइल पर गाने सुनते हैं, या अखबार पढ़ते हैं, या गपशप करते हैं।

वे यह नहीं जानते कि इस दौरान प्रेरक पुस्तक पढ़कर, बुक समरी सुनकर या कोई अन्य महत्वपूर्ण काम करके वे अपने लक्ष्य तक ज्यादा तेजी से पहुंच सकते हैं।


काम सौंपना सीखना

दूसरों की योग्यता, बुद्धि, क्षमता और निष्ठा पर भरोसा करना आसान नहीं होता, और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए ऐसा करना भी जरूरी होता है।

काम सौंपने की कला में निपुण होने के लिए दो चीजों की जरूरत होती है: पहली, यह पता लगाना कि कौन से काम सौंपे जा सकते हैं और दूसरी, किसको।

बस इतनी सावधानी बरतें कि अती महत्वपूर्ण काम दूसरों को सौंपने के बजाय खुद करें।


पैरेटो के 20/80 नियम

हमारी 20% प्राथमिकताएँ 80% परिणाम देंगी, बस शर्त यह है कि हम अपना समय, ऊर्जा और पैसा अपनी 20% प्राथमिकताओं पर खर्च करें।

हम 20% समय में 80% काम पूरा कर लेते हैं और बचे हुए 20% में 80% समय सिर्फ़ इसलिए बर्बाद कर देते हैं क्योंकि हम उस काम को आदर्श तरीके से करने की कोशिश करते हैं।

कई बार पूर्णता समय की बर्बादी का कारण बन जाती है और यह व्यक्ति को असफल बना सकती है।


पार्किंसन का नियम

हमारे पास जितना काम होता है, हमारा समय भी उसी के अनुरूप फैलता या सिकुड़ता है। यानी, अगर हम कम समय में ज्यादा काम करने की योजना बनाएंगे तो समय फैल जाएगा और वे सारे काम उस समय में पूरे हो जाएंगे।

दूसरी ओर, अगर हम उतने ही समय में कम काम करने की योजना बनाएंगे तो समय सिकुड़ जाएगा और उतने ही समय में हम कम काम कर पाएंगे।

जो व्यक्ति बड़े लक्ष्य बनाता है वह अपने सीमित समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने में सफल हो जाता है, जबकि छोटे लक्ष्य बनाने वाला अपने समय का बहुत कम उपयोग ही कर पाता है।


प्राइम टाइम की खोज

हमारे लिए दिन के 24 घंटे एक से नहीं होते। दिन के किसी खास समय हमारी ऊर्जा, विचार, शक्ति, उत्साह और कार्य क्षमता बाकी समय की तुलना में अधिक होती है। यही हमारा प्राइम टाइम है।

हमारा प्राइम टाइम कौन-सा है, यह पहचानना इसलिए जरूरी है ताकि हम अपने समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सकें। अपने सबसे महत्वपूर्ण या रचनात्मक काम इसी दौरान करें ताकि वह अच्छी तरह से और जल्दी हो सकें।

अपने प्राइम टाइम में छुट-पुट काम करके उसे बर्बाद ना करें क्योंकि छुट-पुट काम हम बाकी समय में भी कर सकते हैं।


खुद पर कार्य करना

अव्यवस्था का सबसे आम उदाहरण है किसी कागज या फाइल का न मिलना। अनुमान है कि ऑफिस में काम करने वाले लोग किसी कागज या फाइल को खोजने में हर दिन लगभग 30 मिनट बर्बाद करते हैं।

आलस या जल्दबाजी के कारण हम किसी चीज को सही जगह पर नहीं रखते हैं और फिर उसे खोजने में ऑफिस या घर को अस्त व्यस्त कर देते हैं अंत में हमें वह चीज किसी ऐसी जगह पर मिलती है जहां उसे नहीं होना था।

समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करने के लिए, हमें अपने जीवन को व्यवस्थित करना होगा ताकि हम बाकि कामों पर भी ध्यान दे सकें।


टाइम टेबल बनाना

अपने समय का एक टाइम टेबल बनाये ताकि हम अपने आज के महत्वपूर्ण काम आज ही निपटा सकें। इसके लिए हम दो प्रकार से कार्य कर सकते है।

पहला, पूर्ण टाइम टेबल बनाकर, जिसमें हम पूरे 24 घंटे की योजना बनाते हैं। और दूसरा, संक्षिप्त टाइम टेबल बनाकर जिसमें हम सिर्फ सीमित समय की योजना बनाते हैं।


कार्य को शुरू करना

हम सब जानते हैं कि बिना मेहनत किए हम सफल नहीं हो सकते परंतु आश्चर्यजनक बात यह है कि इसके बावजूद हम मेहनत से जी चुराते हैं, काम को टालते हैं, मूड ना होने का बहाना बनाते हैं, समय या संसाधन की कमी का तर्क देते हैं, यानी काम करने के अलावा सब कुछ करते हैं।

यदि हमें सफलता चाहिए तो कर्म में जुटना होगा और तब तक जुटे रहना, जब तक कि हम सफल न हो जाए।

यदि हम समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना सीख लेते हैं तो आगे चलकर समय हमें पुरस्कार में वह वस्तु दे देगा जिसे हम प्रबलता से प्राप्त करने की कोशिश कर रहे है।


कार्य क्षमता बढ़ाना

अपनी कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए, हमें अपने चुने हुए क्षेत्र में लगातार सीखना होगा, और निरंतर नए-नए उपायों को आजमाना होगा। जिसका इस्तेमाल करके हम अधिक योग्य, अधिक तेज और अधिक सक्षम बन सकें। इसके लिए, हमें उस क्षेत्र के महारथियों से सीखना होगा।

अपने से कम सक्षम लोगों से तुलना करने से कोई फायदा नहीं होता। अगर तुलना ही करनी है तो अपने से ज्यादा सक्षम लोगों से करें। इससे भी बेहतर उपाय यह है कि अपने पिछले प्रदर्शन से तुलना करें।


डेडलाइन तय करना

अगर किसी दूसरे की डेडलाइन नहीं है तो बेहतर यही है कि हम खुद ही अपने कार्यों की डेडलाइन तय करें। शुरुआत में हमें परेशानी होगी और समय के साथ हम डेडलाइन के भीतर या उससे पहले, अपना कार्य पूरा करने की आदत बना लेते है।

कुछ लोग यह मानते हैं कि डेडलाइन से काम की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ता है। उनकी भी बात सही है और यह तभी सही होता है जब आखिरी मिनट पर काम शुरू किया जाए। दूसरी ओर अगर डेडलाइन के आधार पर पहले से ही योजना बना ली जाए तो काम की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आएगी।


समय खरीदना

यदि हम समय के बजाय पैसे बचाने की ज्यादा कोशिश करते हैं तो इसका मतलब है कि हम अपने समय को ज्यादा महत्व नहीं देते हैं।

दूसरी ओर जो लोग समय को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं, वे समय बढ़ाने का हर संभव प्रयास करते हैं एक तरह से कहा जाए तो वे समय को खरीद लेते हैं।

समय खरीदते समय हम कम महत्वपूर्ण काम बाहरी लोगों से करवाते हैं।

उदाहरण के लिए, हमारे 1 घंटे का मूल्य ₹100 है और सामने वाला हमारा 1 घंटे का काम ₹10 में कर रहा है तो समझदारी इसी में है कि हम उससे वह काम करवा ले ताकि हम उस बचे हुए समय में ज्यादा उपयोगी और मूल्यवान काम कर सकें।


सफलता के लिए त्याग

हम सभी के पास एक दिन में 24 घंटे का समय होता है, मुकेश अंबानी के पास भी और छगनलाल के पास भी।

सवाल तो यह है कि हम उस समय में क्या करने का विकल्प चुनते हैं। यह इस बात से तय होता है कि हमारे लिए क्या महत्वपूर्ण है कुछ समय का सुख या भविष्य की सफलता।


निश्चित कार्य निश्चित समय पर करना

हमारे शरीर में एक घड़ी होती है जिसे बायोलॉजिकल क्लॉक कहा जाता है।

जब हम निश्चित समय पर काम करने की आदत डाल लेते हैं तो हमारा शरीर उसी अनुसार ढल जाता है।

उदाहरण के लिए, हम हर दिन दोपहर 1:30 पर खाना खाते हैं तो हमें उस समय अपने आप भूख लगने लगेगी।

हर महत्वपूर्ण काम के लिए, एक निश्चित समय तय करने से, हम शारीरिक और मानसिक रूप से उस कार्य के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं।


समय का गुरुत्वाकर्षण नियम

जैसे ही हम कोई महत्वपूर्ण काम शुरू करते हैं, रुकावटें सामने आने लगती है, अन्य कार्य हावी होने लगते हैं और परिस्थितियां हम पर हावी हो जाती है।

यह और कुछ नहीं बाधाओं का गुरुत्वाकर्षण है जो हमें नीचे खींच रहा है।

हमें इस गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रति सजग रहना होगा। लोगों को नीचे खींचने वाली इस शक्ति से निपटने के कुछ उपाय अवश्य ढूंढे।


न्यूटन का पहला नियम

न्यूटन का पहला नियम कहता है जो चीज जिस अवस्था में है उसी में बनी रहती है जब तक कि उस पर बाहरी बल का प्रयोग ना किया जाए।

यह वस्तुओं पर ही नहीं, व्यक्तियों पर भी लागू होता है। हम जिस अवस्था में है उसी में रहेंगे जब तक की बाहरी बल हम पर दबाव न डालें।

यह बाहरी बल दूसरों के दबाव से या फिर हमारे अनुशासन से या हमारी स्वयं प्रेरणा से आता है।


परिणाम का महत्व

उदाहरण के लिए, कर्मचारी अक्सर महसूस करते हैं कि वे 8 घंटे काम करते हैं इसलिए उनकी तनख्वाह बढ़ानी चाहिए।

दूसरी ओर कंपनी के मालिक सोचते हैं कि इस आदमी ने ₹5000 का काम किया है और इसे ₹8000 तनख्वाह पहले से मिल रही है इसलिए इसकी तनख्वाह बढ़ाने की जरूरत नहीं है, इसके बजाय अगर संभव हो तो उसकी तनख्वाह कम कर देनी चाहिए या उसे नौकरी से निकाल देना चाहिए।

कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण पैमाना यह है कि उसने कितने समय काम किया जबकि कंपनी के मालिक के लिए महत्वपूर्ण पैमाना यह है कि उसने कितना मूल्यवान परिणाम दिया।


सुबह का लाभ लेना

लोग यह तर्क दे सकते हैं कि सुबह उठना उनके बस की बात नहीं है, रात की शांति में काम ज्यादा अच्छी तरह होता है और रात को वे चाहे कितनी भी देर काम कर सकते हैं।

लेकिन यह तर्क बेकार है, सुबह 5:00 उठने पर भी शांति ही रहती है और उसमें काम उम्मीद से ज्यादा अच्छी तरह होता है। अच्छी बात यह है कि उस समय काम की गति भी तेज होती है क्योंकि शरीर और दिमाग दोनों ही तरोताजा होते हैं।


हर दिन व्यायाम करना

हमें हर दिन एक घंटा सुबह अपने लिए निकालना चाहिए। 23 घंटे दूसरों के लिए एक घंटा अपने लिए। और इस 1 घंटे में हमें अपने शरीर, अपने स्वास्थ्य और सौंदर्य की देखभाल करनी है।

यह एक घंटा अपने शरीर को दे। जिसमें टहलना, व्यायाम करना, योगा करना या जिम जाना, अपने शरीर की मालिश करना जैसे कार्य करने है।


टीवी से बचकर रहना

एक सर्वे में यह पाया गया है कि लोग हर सप्ताह लगभग 17 घंटे टीवी देखते हैं यानी लगभग ढाई घंटे प्रतिदिन। इसका मतलब है कि लोग हर दिन अपने पास उपलब्ध सक्रिय समय का 20% हिस्सा टीवी देखने में गवाह रहे हैं।

हमारा टीवी बेहतर सेवक लेकिन भयंकर मालिक है। चुनाव हमारा है कि हम क्या चुनते है।


मोबाइल का उपयोग सिमित करना

आज के युवा मोबाइल पर गाने सुनने, चैटिंग करने और बातचीत करने में इतने खोए रहते हैं कि उनके पास कुछ सोचने की फुर्सत ही नहीं रह गई है। जहां समय खाली मिला मोबाइल चालू हो जाता है।

मोबाइल आधुनिक युग की वह देन है जिसका फंदा हमारे समय के गले में दिनोंदिन कसता ही जा रहा है। यदि हमने इसका कोई इलाज नहीं किया तो यह हमारा ज्यादातर समय का सत्यनाश कर देगा। इसलिए, मोबाइल का कम-से-कम उपयोग करें और उससे बचने वाले समय का अधिकतम उपयोग करें।


इंटरनेट का उपयोग कम करना

यदि हम समय बचाने का इरादा रखते हैं तो इंटरनेट के खतरे से सावधान रहे। इसमें सर्फिंग सबसे प्रमुख जोखिम है। होता यह है कि हम इंटरनेट पर किसी काम से जाते हैं तभी हमें कोई आकर्षक साइट या विज्ञापन दिख जाता है, और हम उस पर क्लिक करके दूसरी ही दुनिया में पहुंच जाते हैं।

इंटरनेट के दुरुपयोग से बचने का एक और अच्छा उपाय यह है कि हम ऐसे समय का चयन करें, जिसके बाद हमें कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो। इससे इंटरनेट के दुरुपयोग का झंझट ही नहीं रहेगा।


आलस को मैनेज करना

हमें एक ही बार में ज्यादा भोजन करने से बचना चाहिए ताकि हम पर आलस सवार ना हो। नियमित समय पर कम भोजन ग्रहण करना, स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है। जब हम काम करते हैं तो हमें आलस नहीं आता और हमारी ऊर्जा व एकाग्रता का स्तर भी बना रहता है।

आलस के कारण, इंसान अपने सबसे महत्वपूर्ण काम नहीं कर पाता है इसलिए अपनी ऊर्जा के स्तर को बनाए रखें और आलस नामक महा रोग से बचें।


टालमटोल न करना

हम सभी कभी-न-कभी टालमटोल करते हैं। यह आज के काम को कल पर टाल देने का कारण यह होता है कि कभी हमारा मूड नहीं होता, तो कभी काम मुश्किल लगता है। लेकिन यह याद रखे टालमटोल समय मैनेजमेंट की दृष्टि से खतरनाक है। क्योंकि यह हमारा कल के समय को गिरवी रख देता हैं।

सुंदर लड़कियों के साथ बात करने का हमारा मूड हमेशा रहता है लेकिन आस्तीन चढ़ाकर और कमर कसकर मेहनत करने का हमारा मन कभी नहीं होता।

मन मेहनत से घबराता है इसलिए अगर हम जीवन में कुछ करना चाहते हैं तो मन या मुड़ के गुलाम ना रहे। मन को अनुशासित करें और मूड हो या ना हो काम शुरू कर दें।


अवचेतन मन का लाभ लेना

जो काम चेतन मन के लिए मुश्किल है उन्हें हमारा अवचेतन मन चुटकियों में कर सकता है इसलिए अवचेतन मन की शक्ति का लाभ ले और एक रात पहले ही अगले दिन की योजना बना ले।

हम वास्तव में समय मैनेजमेंट सीखना चाहते हैं तो हमें केवल चेतन मन का ही नहीं बल्कि अवचेतन मन का भी इस्तेमाल करना होगा। यही हमें ऐसे नए तरीके सुझाएगा जिसके बदोलत हम कम समय में ज्यादा काम करने के उपाय खोजने में कामयाब होंगे।


बुरी लातों को मैनेज करना

उस व्यक्ति का कितना सारा समय बच जाता है जो इस बात पर नजर नहीं रखता कि उसका पड़ोसी क्या कहता, करता या सोचता है।

बहस या लड़ाई करने की आदत में भी हमारा बहुत समय बर्बाद होता है। तनाव और बड़बोलेपन जैसी बुरी आदतों से भी बचें।


सापेक्षता का नियम

किसी सुंदर लड़की से रोमांटिक बातें करते, समय एक घंटा एक सेकंड की तरह लगता है। सुर्ख अंगारे पर 1 सेकंड बैठना भी 1 घंटे की तरह लगता है, यही सापेक्षता है।

अपना प्रिय और मनपसंद काम करते, समय हमें समय का एहसास ही नहीं होता क्योंकि तब हम लय में होते हैं जिसे मनोवैज्ञानिक फ्लो में रहना कहते हैं। इस समय हम जो काम करते हैं वह सहज ही बेहतरीन होता है क्योंकि हम बिना कोशिश किए सर्वश्रेष्ठ कार्य करते हैं।

बेहतर यही है कि हम सापेक्षता के नियम को ध्यान में रखकर अपने काम को दिलचस्प बनाने के तरीके खोजे ताकि हम लय में काम कर सकें।



निष्कर्ष

"टाइम मैनेजमेंट" बुक समरी में हमने इन बातों को जाना जो इस प्रकार है;

  1. मुझे अपने समय की एक डायरी बनानी होगी।
  2. फाइनेंशियल सफलता के लिए फाइनेंशियल लक्ष्य बनाने होंगे।
  3. महत्वपूर्ण कार्य सबसे पहले करने होंगे।
  4. यात्रा के समय का उपयोग करने का तरीका ढूंढना होगा।
  5. अधिक सफलता के लिए काम सौंपना सीखना होगा।
  6. कार्यों की सफलता में 20/80 का नियम ढूंढना होगा।
  7. कम समय में अधिक कार्य करने की कोशिश करना होगा।
  8. अपने प्राइम टाइम में अधिक कार्य करने की कोशिश करनी होगी।
  9. खुद को अपने लक्ष्य के अनुसार व्यवस्थित करना होगा।
  10. अपने लक्ष्य के अनुसार एक टाइम टेबल बनाना होगा।
  11. अपने लक्ष्य में समय बांटने के बाद कार्य शुरू करना होगा।
  12. खुद की कार्य करने की क्षमता बढ़ानी होगी।
  13. अपने कार्य को पूरा करने की एक डेडलाइन तय करनी होगी।
  14. गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने के लिए समय खरीदना सीखना होगा।
  15. बड़ी सफलता के लिए कम कार्यों पर ध्यान देना होगा।
  16. प्रतिदिन किसी कार्य को, किसी समय पर करने की आदत बनानी होगी।
  17. बर्बाद समय, और अधिक बर्बाद समय को आकर्षित करता है।
  18. अपने कार्यों को गति देने वाले कारणों को ढूंढना होगा।
  19. लोगों के लिए परिणाम और अपने लिए कार्य महत्वपूर्ण होता है।
  20. कार्य को करने का समय निर्धारित करना होगा।
  21. समय बढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठना होगा।
  22. हर दिन एक घंटा अपने शरीर को देना होगा।
  23. मुझे खुद को टीवी से दूर रखना होगा।
  24. हर संभव मोबाइल का उपयोग सिमित करना होगा।
  25. इंटरनेट का उपयोग और सिमित करना होगा।
  26. आलस्य से अच्छा है कार्य करना।
  27. टालमटोल से कार्य छूट सकता है इसलिए तुरंत कार्य शुरू करना होगा।
  28. अपने अवचेतन मन का लाभ लेना सीखना होगा।
  29. बुरी लतों को कम-से-कम करने की कोशिश करना।
  30. आकर्षण के नियम को समझकर अपने कार्य में उपयोग करना सीखना होगा।


बुक कोट्स

"खोई दौलत मेहनत से दोबारा हासिल की जा सकती है ,खोया ज्ञान अध्ययन से, खोया स्वास्थ्य चिकित्सा या संयम से लेकिन खोया समय हमेशा-हमेशा के लिए चला जाता है।"

"कैलेंडर से धोखा नहीं खाना। क्योंकि साल भर में केवल उतने ही दिन होते हैं जितने हम उपयोग करते हैं। एक व्यक्ति साल भर में केवल एक सप्ताह का मूल्य प्राप्त करता है जबकि दूसरा व्यक्ति एक सप्ताह में ही पूरे साल का मूल्य प्राप्त कर लेता है।"

"अमीर बनने का मतलब है पैसा होना और बेहद अमीर बनने का मतलब है समय होना।"

"सफल व्यक्ति ऐसे काम करने की आदत डाल लेता है जिन्हें असफल लोग नहीं करना चाहते। हालांकि सफल व्यक्तियों को भी वह काम अच्छे नहीं लगते हैं लेकिन उद्देश्य को याद रखते हुए वे ना पसंद कार्यों से मुंह नहीं मोड़ते है।"

"हर दिन समय जो छोटे-छोटे अंतराल देता है उसमें बहुत कुछ किया जा सकता है जिन्हें अधिकांश लोग बर्बाद कर देते हैं।"

"अमीर लोग समय में निवेश करते हैं और गरीब लोग धन में।"

"व्यस्त होना ही काफी नहीं है व्यस्त तो चीटियां भी होती है। सवाल यह है कि हम किस काम में व्यस्त हैं।"

"सबसे महत्वपूर्ण चीजों को महत्वहीन चीजों की दया पर कभी नहीं छोड़ना चाहिए।"

"दिन भी कितनी रहस्यमई चीज हैं। कभी पंख लगाकर उड़ जाता है और कभी निकलता ही नहीं, लेकिन उन सभी में 24 घंटे ही होते हैं। ऐसा बहुत कुछ है जो हम समय के बारे में नहीं जानते।"

"हमारे पास समय की सबसे ज्यादा कमी होती है परंतु हम इसी का सबसे ज्यादा दुरूपयोग करते हैं।"

"ऐसी प्रार्थना करो जैसे सब कुछ ईश्वर पर निर्भर करता हो। इस तरह काम करें जैसे सब कुछ हम पर निर्भर करता हो।"

"जिन लोगों के पास खाली समय होता है वे हमेशा काम करने वाले लोगों का समय बर्बाद करते हैं।"

"समय काटने का मतलब है कि समय हमें काट रहा है।"

"कानून उस डाकू को कभी नहीं पकड़ता जो इंसान की सबसे बेस्ट कीमती चीज 'समय' को चुराता है।"

"सच्ची सफलता पाने के लिए खुद से यह चार सवाल पूछे; क्यों? क्यों नहीं? मैं क्यों नहीं? अभी क्यों नहीं?"

"यदि हमारा पड़ोसी जल्दी उठता है तो हमें उससे भी ज्यादा जल्दी उठना होगा।"

"जो लोग सोचते हैं कि उनके पास शारीरिक व्यायाम के लिए समय नहीं है उन्हें देर-सवेर बीमारीयों के लिए समय निकालना पड़ेगा।"

"जब तक हम खुद को मूल्यवान नहीं मानते, तब तक हम अपने समय को भी मूल्यवान नहीं मानेंगे। जब तक हम अपने समय को मूल्यवान नहीं मानेंगे, तब तक हम इसके बारे में कुछ भी नहीं करेंगे।"

"हम देर कर सकते हैं लेकिन समय नहीं करेगा।"


END

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