The 5 Second Rule बुक समरी में हम 5 सेकंड का नियम, साहस की शक्ति, साहस से व्यवहार को बदलना, चिंता पर 5 सेकंड नियम का उपयोग करना और आत्मविश्वास के साथ जुनून को पहचानना और विकसित करना सीखेंगे।
लेखक Mel Robbins द्वारा लिखित The 5 Second Rule बुक हमें अपने कार्य को सोचने के बजाये कारवाही में परिवर्तित करने पर जोर देती है। यह बुक 5 से 1 तक उल्टी गिनती बोलने और एक पर पहुंचने पर अपने कार्य को शुरू करने पर जोर देती है। साथ ही यह बुक बताती है कि छोटा कदम हमारी सेहत, उत्पादकता और खुशी पर बहुत गहराई से प्रभाव डालता है।
हमारा जीवन बड़ी चीजों से कम और उन छोटे-छोटे कदमों से अधिक बदलता है जो हम प्रतिदिन उठाते है। इसलिए हमें अपने दुवारा उठाये गये कदमों को सही कामों की ओर मोड़ना आना चाहिए।
5 सेकंड का नियम
नियम सीखना आसान है और इसका प्रभाव बहुत गहरा है। यह किसी भी चीज़ को बदलने का एक रहस्य है। एक बार जब हम नियम सीख लेते हैं, तो हम तुरंत ही इसका उपयोग करना शुरू कर सकते हैं। नियम हमें हर दिन अधिक आत्मविश्वास और साहस के साथ जीने, प्यार करने, काम करने और बोलने में मदद करता है।
खुद से उल्टी गिनती शुरू करें: 5-4-3-2-1, गिनती करने से हमें लक्ष्य या commitment पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी और हमारे मन से चिंताओं, विचारों और भय से ध्यान हट जाएगा। जैसे ही हम "1" पर पहुँचें, आगे बढ़ें। बस इतना ही।
दूसरे शब्दों में कहें, जब भी हमें कुछ करना हो, लेकिन हम अनिश्चित, भयभीत या अभिभूत महसूस करते हैं... तो बस 5-4-3-2-1 उल्टी गिनती करके अपने पर नियंत्रण रखें। इससे हमारा मन शांत हो जाएगा। फिर, जब हम "1" पर पहुँचें, तो आगे बढ़ें और वह कार्य शुरू कर दें।
इस नियम को उपयोग करने की कुछ परिस्थितयां इस प्रकार है;
- यदि हमें व्यायाम करने में बहुत अधिक थकान महसूस होने लगती तो हम 5-4-3-2-1 बोलकर, दौड़ने के लिए बाहर निकल सकते है।
- यदि हमें शराब नहीं पीनी है, तो हम 5-4-3-2-1 बोलकर, बोतल नीचे रखकर वहां से चले जाना है।
- अगर हम खुद को काम टालते हुए पाते है, तो हम 5-4-3-2-1 बोलकर, अपने काम को करना शुरू कर देना चाहिए।
साहस की शक्ति
हमारी ज़िंदगी ऐसे पलों से भरी होती है जो डरावने, अनिश्चित और मुश्किल होते हैं। इन पलों का सामना करना और अपने जीवन में अवसर और खुशी को खोलना बहुत साहस की बात है। हमारे साहस के क्षण सिखाते हैं कि बड़े कदम सब कुछ नहीं बदलते, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में छोटे-छोटे कदम ही सब कुछ बदल देते हैं।
साहस एक जन्मसिद्ध अधिकार है। यह हर एक के अंदर है। हम इसके साथ पैदा हुए हैं और हम जब चाहें इसका उपयोग कर सकते हैं। यह आत्मविश्वास, शिक्षा, स्थिति, व्यक्तित्व या पेशे का मामला नहीं है। यह केवल यह जानने का मामला है कि जब हमें इसकी आवश्यकता हो तो इसे कैसे पाया जाए।
जो लोग अपने सपनों को साकार करते हैं और जो लोग ऐसा नहीं कर पाते, उनके बीच का अंतर सिर्फ़ एक ही है: शुरू करने का साहस और चलते रहने का अनुशासन। यह नियम एक गेम-चेंजर है क्योंकि यह 5-4-3-2-1 नियम हमें अपने दिमाग से बाहर निकलने, शुरू करने और चलते रहने में मदद करता है।
यही कारण है कि बदलाव कठिन है। तार्किक रूप से, हम जानते हैं कि हमें क्या करना चाहिए, लेकिन इसे करने के बारे में हमारी भावनाएँ हमारे लिए निर्णय लेती है, और वह निर्णय हमारे सपनों से बिलकुल भी मेल नहीं होता है। इसलिए साहस का उपयोग करना सीखना होगा।
साहस से व्यवहार को बदलना
तीन व्यवहार परिवर्तन हैं जिनके बारे में अधिकतर बात होती है: स्वास्थ्य, उत्पादकता और टालमटोल। इन तीन व्यवहारों में परिवर्तन तोड़ा कठिन है लेकिन 5 सेकंड रूल के साथ इसे आसान बनाया जा सकता है।
पहला, अगर हम वजन कम करना, डाइट का पालन करना और नियमित रूप से व्यायाम करना चाहते हैं, तो हमें बस एक ही काम करना है: इस बारे में सोचना बंद करें कि हम कैसा महसूस करते हैं। हमारी भावनाएँ मायने नहीं रखतीं। सिर्फ़ यही मायने रखता है कि हम क्या करते हैं।
दूसरा, उत्पादकता को एक शब्द में समेटा जा सकता है जो है "फोकस"। उत्पादकता में महारत हासिल करने के लिए हमें दो तरह के फोकस की ज़रूरत होती है:
पहला, ध्यान भटकाने वाली चीज़ों को मैनेज करने की क्षमता ताकि हम हर पल अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकें, और दूसरा, इस बात पर ध्यान केंद्रित करने का कौशल कि हमारे लिए वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है, ताकि हम अपना दिन बेकार की चीज़ों पर बर्बाद न करें।
तीसरा, टालमटोल के दो प्रकार हैं: विनाशकारी टालमटोल, जिसमें हम उन कार्यों को टालते हैं जिन्हें हमें पूरा करना है, और उत्पादक टालमटोल, जो किसी भी रचनात्मक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चिंता पर 5 सेकंड नियम का उपयोग
अपने मन पर नियंत्रण करना, अपने विचारों को निर्देशित करना और भय को दूर करना सीखना, जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है।
जब भी हम चिंता में डूबे तो हम बस, 5-4-3-2-1 बोलकर अपने मन को समस्याओं के बारे में चिंता करने के बजाय समाधान की ओर निर्देशित करने की कोशिश करनी है। जिससे हमारा मन हमारे खिलाफ काम करने के बजाय हमारे लिए काम करेगा।
जब हम चिंता को खत्म करने के लिए नियम का इस्तेमाल करना शुरू करते हैं, तो हम यह देखकर हैरान रह जाएंगे कि कितनी बार हमारा दिमाग किसी नकारात्मक चीज की ओर चला जाता है।
यह वाकई बुरा है। और हर दिन, हमें इसके खिलाफ़ लड़ना पड़ता है। कुछ दिन ऐसे होते हैं जब हमें अपने विचारों को नियंत्रित करने के लिए नियम का एक दर्जन या उससे ज़्यादा बार इस्तेमाल करना पड़ता है।
यदि हम इसे शुरू होते ही पकड़ लेते हैं और इसे फिर से परिभाषित कर लेते हैं, तो हम अपने विचारों को स्थिर कर लेंगे, इससे पहले कि हमारा मन इसे पूरी तरह से घबराहट में बदल दे।
और समय के साथ, जैसे-जैसे हम 5 सेकंड रूल को बार-बार उपयोग करेंगे, हमारी चिंता कम होती जाएगी और यह फिर से साधारण चिंताओं में बदल जाएगी।
आत्मविश्वास और जुनून
हम लोग यह सोचकर बड़ी गलती करते हैं कि आत्मविश्वास व्यक्तित्व का मामला है। आत्मविश्वास का मतलब सिर्फ़ इतना है कि हम खुद पर, अपने विचारों पर और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। कोई भी व्यक्ति अधिक आत्मविश्वासी बनना सीख सकता है। यह कोई व्यक्तित्व विशेषता नहीं है। यह एक कौशल है।
याद रखें, खुद पर भरोसा रोज़ाना साहस के कामों से बनता है। हम जितना अधिक अपने कार्यों को साहस के साथ बार-बार दोहराते है हम उतना ही अधिक खुद पर भरोसा करने लगेंगे।
अपने जुनून को पाना एक सक्रिय प्रक्रिया है और इसमें 5 सेकंड रूल एक अविश्वसनीय उपकरण की तरह कार्य करता है। लोगों को अपने जुनून को पाने से जो चीज रोकती है वह यह है कि वे अपने विचारों से बाहर नहीं निकल पाते और कार्रवाई में नहीं लग पाते।
इस बात का कोई जादुई फॉर्मूला नहीं है कि कब ट्रिगर खींचकर किसी प्रोजेक्ट को जुनून में परिवर्तित कर दे। इसके लिए योजना बनाने और धीरे-धीरे, गहराई से सोचने की ज़रूरत होती है।
अगर आप हमारी तरह है तो आप कुछ समय तक खुद को प्रताड़ित करेंगे जब तक कि आप अपने वर्तमान जीवन और भविष्य के जीवन के बीच तालमेल नहीं बिठा पाते।
निष्कर्ष
The 5 Second Rule बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातों के बारे में जाना जो इस प्रकार है;
- किसी कार्य में 5-4-3-2-1 बोलकर शुरू करना एक संकेत की तरह कार्य करता है।
- हर कार्य का पहला कदम उठाने के लिए हमें साहस की आवश्यकता होती है।
- साहस से हम सेहत, उत्पादकता और टालमटोल पर महारत हासिल कर सकते है।
- 5 सेकंड का नियम हमें चिंता पर विजय दिला सकता है।
- आत्मविश्वास के साथ अपने जुनून को पहचानना हमें व्यवहार परिवर्तन में मदद सकता है।