Rich habits बुक समरी में हम अच्छी दैनिक आदतें बनाना, दीर्घावधिक लक्ष्य बनाना, आत्म-सुधार में समय देना, अपने स्वास्थ्य की देखभाल करना, अपने संबंधों को समय देना सीखेंगे।
लेखक Thomas C. Corley द्वारा लिखित Rich Habits: The Daily Success Habits of Wealthy Individuals बुक सफलता के वे रहस्य उजागर करती हैं, जिसके कारण कोई व्यक्ति सफल और असफल होता है। यह बुक हमें अपनी मानसिकता पर कार्य करने और उसे बेहतर बनाने पर जोर देती है। साथ ही उन लोगों के बारे में भी बताती है जिन्होंने ये रहस्य जाने और जीवन में सफलता हासिल की हैं।
इस बुक समरी में हम दस आदतों के बारे में जानेंगे, जो हमारी मानसिकता को बेहतर बनाने और कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेंगी। और यह भी याद रखे कि आदतें जीवन में अभ्यास के द्वारा ही विकसित की जाती हैं।
अच्छी दैनिक आदतें बनाना
पहला वादा; मैं अच्छी दैनिक आदतें बनाऊंगा, और हर दिन इन आदतों का पालन करुंगा।
सफल लोग अपनी अच्छी दैनिक आदतों के गुलाम होते हैं। यह उनकी सफलता की पहली अमीर आदत है, और सबसे महत्वपूर्ण भी।
अच्छी दैनिक आदतें सफलता की नींव हैं। सफल लोग अपनी दैनिक आदतों के कारण असफल लोगों से अलग होते हैं। सफल लोगों की दैनिक आदतें कई अच्छी और कुछ बुरी होती हैं। और असफल लोगों की दैनिक आदतें कई बुरी और कुछ अच्छी होती हैं।
अपनी दैनिक आदतों को पहचानकर हम अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे में बेहतर तरीके से जान सकते हैं। यह समझना कि हमारी अपनी बुरी दैनिक आदतें, हमें सफल होने से रोक रही हैं, यह हमारा फाइनेंशियल सफलता की ओर पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा।
Long Term लक्ष्य बनाना
दूसरा वादा; मैं प्रत्येक दिन, महीने, वर्ष और लंबे समय के लिए लक्ष्य निर्धारित करूँगा, और मैं प्रत्येक दिन अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करूँगा।
Long term goal, निश्चित चीजों को प्राप्त करने की एक पहल हैं। सफल लोग अपने ऑफिस में केवल काम पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और अपने बिज़नेस लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयास में, अपने परिवार और निजी मामलों को ऑफिस से बाहर ही रखते हैं।
सफल लोग long term सोच रखते हैं। वे अपने लक्ष्यों को पूरा करते समय अपने past और future को बार-बार नहीं देखते है, वे अपने लक्ष्यों पर काम करने पर अधिक ध्यान देते है। साथ ही अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वे अपने कार्यों में लगातार सुधार करते रहते हैं।
आत्म-सुधार में समय देना।
तीसरा वादा; मैं प्रत्येक दिन आत्म-सुधार में शामिल रहूँगा।
सफल लोग हर दिन आत्म-सुधार की प्रक्रिया में लगे रहते हैं। वे बिज़नेस की पत्रिकाओं और अपने पेशे से संबंधित तकनीकी सामग्री पढ़ते हैं। वे अपने बिज़नेस के छात्र बन जाते हैं और होने वाले बदलावों के साथ अपडेट रहते हैं।
सफल लोग आत्म-सुधार के लिए पढ़ते हैं। प्रत्येक दिन वे बेहतर विषयों का अध्ययन करके खुद को बेहतर बनाने के लिए समय देते हैं। वही असफल लोग अपने आत्म सुधार में समय नहीं लगाते और इससे बचने के लिए वे तर्क-वितर्क करते है।
आत्म सुधार के लिए दिन का कोई भी समय हमारे लिए सबसे अच्छा हो सकता है, जो बिना किसी रुकावट के दैनिक आत्म-सुधार गतिविधियों में शामिल होने में हमारी मदद कर सकता है।
अपनी Health की देखभाल करना।
चौथा वादा; मैं अपनी health की देखभाल के लिए हर दिन कुछ समय समर्पित करूंगा।
सफल लोग हर दिन सही खाना-खाने और व्यायाम करने की आदत विकसित करने में अधिक समय बिताते है। ताकि वे मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
असफल लोगों का अपनी health पर कोई नियंत्रण नहीं होता। वे हमेशा नवीनतम और सबसे बढ़िया भोजन की तलाश में रहते हैं। असफल लोग health संबंधी मामलों में कम ध्यान देते हैं, यही कारण है कि इतने सारे भोजन के प्रकार और किताबें हैं।
अपने खाने की आदतों पर कम नियंत्रण होने के कारण, हमें बार-बार वजन बढ़ाने और घटाने के दौर से गुजरना पड़ता हैं। इस प्रकार की क्रिया शरीर पर भारी पड़ती है, जो बाद में blood pressure, diabetes, heart disease और इसी तरह की मेडिकल बीमारियों को जन्म देती है।
अपने संबंधों को समय देना।
पांचवा वादा; मैं हर दिन का कुछ हिस्सा अपने रिश्तों को बेहतर करने में लगाऊंगा।
सफल लोगों के लिए रिश्ते सोने की तरह होते हैं। वे रिश्तों की देखभाल उसी तरह करते हैं जैसे किसान अपनी फसलों की देखभाल करता है। सफल लोग नाम, जन्मदिन, नवजात शिशुओं के लिए उपहार याद रखते है और अक्सर उनसे बातचीत करते है।
सफल लोग यह जानते है कि नेटवर्क मार्केटिंग में रिश्तों की क्या अहमियत होती है इसलिए वे लोगों से मिलने के कारण ढूढ़ते रहते है जिससे उनके रिश्ते बेहतर हो सकें। साथ ही अपने व्यक्तिगत रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए उनकी बातों को सुनते और सहानुभूति रखते हैं।
असफल लोगों के लिए रिश्ते अधिक मायने नहीं रखते, इसलिए वे बड़ी सफलता तो प्राप्त कर लेते है लेकिन उन्हें दिल से चाहने वाला कोई नहीं होता। और अंत में न उनके पास सफलता होती है और ना हि उनके निजी रिश्ते।
अपने पर संयम रखना।
छठा वादा; मैं प्रत्येक दिन संयम विकसित करने का प्रयास करूंगा।
संयम से जीने का मतलब है balanced जीवन जीना - कोई दिखावा नहीं। सफल लोग अति, भावनात्मक उतार-चढ़ाव, Addiction, जुनून, अत्यधिक भोजन करना, फिजूलखर्ची जैसे व्यवहारों से बचते हैं। साथ ही वे अपने विचारों और भावनाओं को नियंत्रित रखते हैं।
जैसे, दुनिया के सबसे आमिर व्यक्तियों में से एक वॉरेन बफेट उसी घर में रहते हैं, जिसमें पचास साल से भी ज़्यादा समय पहले उनकी शादी हुई थी। उनका घर आज भी simple है। और वे हर दिन अपनी कार से काम पर आते-जाते हैं। वॉरेन बफेट रोज़ाना इस अमीरी की आदत को जीते हैं।
असफल लोग अतिवाद(Extremism) में जीते हैं। वे बहुत ज़्यादा खाते-पीते हैं। वे घटनाओं पर ज़रूरत से ज़्यादा react करते हैं। वे अपनी भावनाओं को चरम(extreme) सीमा तक बहने देते हैं, जिससे उनके रिश्तों में बहुत ज़्यादा संघर्ष और दर्द पैदा होता है।
'अभी करो' की मानसिकता अपनाना।
सातवां वादा; मैं हर दिन अपने दैनिक कार्यों को पूरा करूँगा, और मैं "अभी करो(do it now)" की मानसिकता अपनाऊँगा।
सफल लोग टाल-मटोल नहीं करते। वे जो काम आज कर सकते हैं, उसे कल के लिए नहीं टालते। वे काम पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वे हर दिन करने योग्य कार्यों की list बनाते हैं। और 'Do it Now' की मानसिकता के साथ list के कार्यों को पूरा करने में लग जाते है।
असफल लोग टाल-मटोल करते हैं। वे उन कामों को टालते हैं, जिन्हें उसी दिन किया जाना चाहिए या किया जा सकता था। उनकी यह टाल-मटोल की आदत, अनके प्रकार की समस्याएँ पैदा करती है, जिन्हें बाद में वे स्वयं भी हल नहीं कर पाते है।
हमें उन कार्यों में देरी नहीं करनी चाहिए, जिन्हें तुरंत किया जा सकता है। किसी भी दिन टालने का विचार हमारे मन में आता है तो तुरंत उसे "Do it Now" के विचार से बदल दे। और अभी करो की मानसिकता विकसित करने का प्रयास करें।
सोचने के लिए समय निकालना।
आठवां वादा; मैं हर दिन "अमीरी की सोच" के लिए समय निकालूंगा।
सफल लोग सकारात्मक, ऊर्जावान, खुश और संतुलित व्यक्ति होते हैं। क्योंकि वे सफल सोच की मानसिकता को अपना चुके होते है। जो उन्हें अपने कार्यों को हमेशा बेहतर करने की ओर ले जाती है।
अमीरी की सोच रखने वाले लोग, कभी खुद की आलोचना नहीं करते बल्कि आंतरिक रूप से हर कार्य को पूरा करने की बधाई और हर परिस्थिति से निपटने के लिए खुद को प्रोत्साहित करते रहते है। उनके लिए समस्याएँ एक अवसर बन जाती हैं।
असफल लोग खुद की आलोचना करते हैं। वे अक्सर खुद के सबसे बुरे आलोचक होते हैं। वे नकारात्मक, विनाशकारी विचारधारा में लिप्त(Indulge) रहते हैं। वे बुरे विचारों को अपने दिमाग में घुसने देते है, जो अंततः बुरे व्यवहार का कारण बनते हैं।
अपनी आय का 10% बचाना।
नौवा वादा; मैं हर वेतन पर अपनी income का 10% बचाऊंगा।
सफल लोग सबसे पहले खुद को भुगतान करते हैं। किसी भी बिल का भुगतान करने से पहले, सफल लोग अपनी आय का 10% किसी बचत या निवेश के लिए अलग रख लेते हैं। वे अपने पैसे को समझदारी से निवेश करते हैं, और अपने निवेश रिटर्न के लिए realistic goal निर्धारित करते हैं।
सफल लोग अपने समय, पैसे और कार्य की अहमियत को जानते है, इसलिए वे अपने लिए बेहतर अकाउंटेंट और ब्रोकर ढूढ़ने में अधिक समय लगाते है ताकि वे लोग उनके पैसे को बढ़ा भी सकें और उन्हें सीखा भी सकें।
असफल लोग खुद को सबसे आखिर में भुगतान करते हैं। वे सैलरी से सैलरी तक जीते हैं, अपनी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए हर पैसा खर्च करते हैं। वे खराब बचतकर्ता हैं और अत्यधिक मात्रा में कर्ज लेते हैं।
अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण रखना।
दसवां वादा; मैं हर दिन अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण रखूंगा।
सफल लोग अपने विचारों और भावनाओं के स्वामी होते हैं। वे क्रोध, ईर्ष्या, उत्तेजना, उदासी या अन्य छोटी-मोटी भावनाओं का शिकार नहीं होते। वे सभी बुरे विचारों और भावनाओं को बाहर निकाल देते हैं। वे समझते हैं कि बुरे विचार बुरे निर्णय लेते हैं जिसके परिणामस्वरूप बुरे परिणाम होते हैं।
सफल लोग इतने busy होते हैं कि वे खुद को दुखी या उदास होने की अनुमति नहीं देते। वे productive activities में engage रहते हैं, जो उनके मन को उनकी उदासी से दूर ले जाती हैं। वे लगातार आत्म-सुधार activities में लगे रहते हैं जो उनके बारे में positive भावनाओं को बढ़ावा देती हैं।
असफल लोग तुच्छ भावनाओं के शिकार हो जाते हैं। वे अपनी भावनाओं को अपने व्यवहार पर हावी होने देते हैं। वे आसानी से उदास हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि उनके जीवन पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है। वे सोचने से पहले ही react कर देते हैं।
निष्कर्ष
Rich habits बुक समरी में हमने 10 महत्वपूर्ण आदतों के बारे में जाना, जो कुछ इस प्रकार हैं;
- अच्छी दैनिक आदतें बनाना।
- Long Term लक्ष्य बनाना।
- आत्म-सुधार में समय देना।
- अपनी Health की देखभाल करना।
- अपने संबंधों को समय देना।
- अपने पर संयम रखना।
- 'अभी करो' की मानसिकता अपनाना।
- सोचने के लिए समय निकालना।
- अपनी आय का 10% बचाना।
- अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण रखना।