Deep Work बुक समरी में हम डीप वर्क का महत्वपूर्ण फार्मूला, डीपली कार्य करने की क्षमता विकसित करना, बोरियत को गले लगाना, सोशल मीडिया को छोड़ना, और अपने काम को समझना और प्राथमिकता देना सीखेंगे।
लेखक Cal Newport द्वारा लिखित Deep Work बुक हमें कार्य को गहनता के साथ करना सिखाती है। आज के समय में जहां हर ओर से distractions हमारे कार्यों पर प्रभाव डालते हैं, ऐसे में यह किताब हमें वे रहस्य बताती है जिससे हम अपने कार्यों में उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। यह किताब ऐसी कई बातें हमारे सामने रखती है जो हमारे लिए जरूरी है जैसे अपने कार्यों के अनुसार समय बांटना, सोशल मीडिया का उपयोग कम करना आदि।
गहन कार्य करने की क्षमता विकसित करना पूरी तरह आदतों पर निर्भर करता है। क्योंकि इसमें हम खुद को उन चीजों से अलग करते हैं जो हमारा ध्यान भटकाती है।
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Deep Work Book Summary Hindi |
डीप वर्क का फार्मूला
डीप वर्क कार्य करने का वह वातावरण है जिसमें हम अपना ध्यान भटकाए बिना अपने काम को अधिक समय देते है। इसमें अपने कार्य को करते समय छोटे-छोटे ब्रेक भी शामिल होते हैं जो हमारी उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।
डीप वर्क को फॉलो न कर पाने की विडंबना यह है कि खाली समय की तुलना में नौकरियों का आनंद लेना वास्तव में आसान होता है, क्योंकि उनमें लक्ष्य, फीडबैक नियम और चुनौतियाँ होती हैं, जो हमें अपने कार्यों में शामिल होने, ध्यान केंद्रित करने और उसमें खुद को खो देने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
दूसरी ओर, डीप वर्क खाली समय से पोषित होता है, और इसे किसी ऐसी चीज़ में ढालने के लिए बहुत अधिक प्रयास की आवश्यकता होती है जिसका आनंद पूरे जीवन भर लिया जा सकें।
डीपली कार्य करना
डीपली कार्य से लेखक का उद्देश्य यह है कि संपूर्ण एकाग्रता और बिना किसी रूकावट के कार्य को संभव बनाना। इसमें 90 मिनट तक एकाग्र होकर अपने कार्य को करना और 90 मिनट तक अपने कार्य से ब्रेक लेना शामिल है।
आज हम एक ऐसे वातावरण में कार्य करते हैं जहां पर डीप वर्क करना थोड़ा कठिन लगता है क्योंकि हमारे आसपास ऐसी अनेक प्रकार की चीजें होती रहती है जो हमारा ध्यान हर पल भटकाती रहती है। जैसे हमारे मोबाइल फोन के नोटिस आदि।
ध्यान भटकाने वाली चीजे समय के साथ हमारी इच्छा शक्ति को कम कर देती हैं और एक समय बाद हम ध्यान भटकाने वाली चीजों पर काबू पाने में असफल रहते हैं।
जब तक हम अपनी आदतों के बारे में सचेत नहीं रहेंगे, तब तक हमारे साथ यही होता रहता है। भले ही हमारी नियत और इरादे कुछ भी हो।
इससे अच्छा है कि हम अपने कामकाजी जीवन में समझदारी से कुछ व्यवस्थाएं और दिनचर्या विकसित करें जो हमें डीपली कार्य करने की क्षमता विकसित कर सकें।
बोरियत को गले लगाना
बोरियत को गले लगाने से लेखक का अर्थ है कि हमें सफलता प्राप्त करने के लिए, अपने कार्यों को बार-बार दोहराना पड़ता हैं। जिन कार्यों को हम बार-बार दोहराते हैं उसमें बोरियत महसूस होना सामान्य बात है। इस बोरियत को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना ही हमें उस कार्यों में सफलता दिलाता है।
जिस तरह एथलीट्स को अपने प्रशिक्षण सत्रों के बाद भी अपने शरीर का ध्यान रखना पड़ता है, उसी तरह अगर हम जरा सी बोरियत महसूस होते ही उससे बचने की कोशिश में, अपना समय बरबाद करेंगे, तो डीपली कार्य करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता हैं।
जो लोग हमेशा multitasking करते हैं, वे महत्वपूर्ण और महत्वहीन चीज़ों को अलग करके नहीं देख पाते है। उनकी याद्दाश्त अक्सर सामान्य से कमजोर बनी रहती है।
उनका ध्यान बुरी तरह भटका रहता है। वे अपने दिमाग के उन बड़े हिस्सों को भी सक्रिय कर लेते हैं, जिनका उस काम से कोई संबंध नहीं होता, जो वे फिलहाल कर रहे होते हैं। दूसरे शब्दों में कहें, तो वे मानसिक रूप से काफी हद तक विचलित रहते हैं।
लेखक बोरियत को मैनेज करते हुए, अपने कार्य को करते रहने के कुछ महत्वपूर्ण रूल्स बताते हैं जो इस प्रकार हैं;
- अपने कार्यों का शेड्यूल बनाएं।
- अपने समय का शेड्यूल बनाएं।
- अपने कार्यों में गहनता विकसित करें।
- Multitasking से बचने का प्रयास करें।
- ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूरी बनाए।
सोशल मीडिया को छोड़ना
आज सूचना युग में जिस तरह सोशल मीडिया का उपयोग हो रहा है उसे देख कर सही और गलत जैसे अनुमान नहीं लगाये जा सकते है।
जैसे कुछ लोगों के लिए सोशल मीडिया दोस्तों से मिलने की जगह है, तो कुछ लोग अपने परिवार से connected रहने के लिए उपयोग करते हैं। तो कुछ लोग अपने प्रोडक्ट को लोगों तक पहुंचाने का जरिया मानते हैं।
वहीं कुछ लोग के लिए सोशल मीडिया अनुपयोगी हैं क्योंकि यह उनका समय नष्ट करती है। ऐसे लोग सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखते हैं या केवल जितनी जरूरत हो उतना ही उपयोग करते हैं।
सोशल मीडिया का अधिक उपयोग हमारे लिए हानिकारक हो सकता है लेकिन उन सोशल मीडिया साइट्स के लिए उपयोगी है क्योंकि उन्हें हमारे उपयोग करने से डेटा मिलता है। जिसके अनुसार वे प्रोडक्ट, सर्विसेज या ADS हमें दिखाते हैं।
इसलिए लेखक एक नेटवर्क-टूल्स रणनीति का परिचय देते हैं जिसमें हमें अपने टूल्स चुनने होते हैं जिसकी मदद से हम सोशल मीडिया के उपयोग को मैनेज कर सकें और समय आने पर उसे छोड़ सके। इन टूल्स में कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो इस प्रकार है;
- अपने व्यावसायिक व व्यक्तिगत जीवन के मुख्य लक्ष्यों को पहचाना।
- मुख्य लक्ष्यों को पाने की गतिविधियों की सूची बनाना।
- सोशल मीडिया से कुछ समय का ब्रेक लेना।
- बाहरी गतिविधियों को बढ़ावा देना।
- इंटरनेट का उपयोग अपने मनोरंजन के लिए ना करें।
अपने काम को प्राथमिकता देना
आज के समय में हम खाली रहने से ज्यादा काम करना पसंद करते हैं क्योंकि हमें खाली बैठना बिल्कुल पसंद नहीं होता। इसी के चलते हम अनेक ऐसे कार्य ढूंढ लेते हैं जो हमारे लिए उपयोगी नहीं होते हैं लेकिन फिर भी हम उन्हें करते रहते हैं।
लेखक हमें अपने कार्यों को दो भागों में बांटने पर जोर देते हैं ताकि हम डीप वर्क फॉर्मूला अपने कार्यों में उपयोग कर सकें। एक जो उत्पादकता बढ़ाता है और दूसरा जो हमारी उत्पादकता को कम करता है।
हमें उन कार्यों पर ध्यान देना चाहिए, जो हमारी उत्पादकता को कम करते हैं ताकि हम जिस उत्पादकता लेवल से कार्य करते हैं उस स्तर से नीचे ना गिरे।
लेखक ने उत्पादकता बढ़ाने वाले कार्यों पर ध्यान देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें बताई है जो इस प्रकार है;
- अपना लक्ष्य चुनना और उसे प्राथमिकता देना।
- अपने लक्ष्यों से जुड़े कार्य करना।
- अपने अनुपयोगी कार्यों को दूसरों को सौपना।
- अपने शेड्यूल पर ध्यान केंद्रित करना।
- हमेशा सीखते रहना।
निष्कर्ष
Deep Work बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखें जो इस प्रकार है;
- कार्य को रचनात्मक रूप से बेहतर बनाने के लिए हमें डीप वर्क फॉर्मूला का उपयोग करना आना चाहिए।
- डीपली कार्य करने के लिए हमें अपने कार्यों को ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रखना होगा।
- जिस कार्य को हम बार-बार दोहराते हैं उसमें बोरियत होना स्वाभाविक है लेकिन जो बोरियत को गले लगाता है वही सफलता प्राप्त करता है।
- सोशल मीडिया का उपयोग कम से कम करना या छोड़ना हमारे लिए समय बढ़ा सकता है जिससे हम अपने कार्यों को गहनता के साथ कर सकते हैं।
- अपने लक्ष्यों को तीव्रता से प्राप्त करने के लिए अपने कार्यों को समझें और प्राथमिकता दें।