Rich Kid Smart Kid Book Summary Hindi

Rich Kid Smart Kid बुक समरी में हम वित्तीय शिक्षा घर से शुरू करना, वित्तीय मानसिकता को समझना, अच्छा और बुरा ऋण, एक Parenting रणनीति और अपने बच्चों को सीखाने के तरीको के बारे में जानेंगे।

लेखक Robert T Kiyosaki द्वारा लिखित Rich Kid Smart Kid पुस्तक हमें अपने बच्चों को वित्तीय शिक्षा देने पर जोर देती है। यह बुक उन माता-पिता के लिए आवश्यक है जो आज की दुनिया में अपने बच्चों को वित्तीय रूप से समृद्ध बनाने के लिए वित्तीय कौशल और मानसिकता विकसित करना चाहते हैं। यह पुस्तक माता-पिता को अपने बच्चों के सामने धन संपत्ति के बारे में बात शुरू करने पर जोर देती है।

यह बुक हमें बताती है कि हम सभी अपने बच्चों को जीने के तरीके सिखाते है, उसमें पैसे कमाना भी आता है। हम अपने बच्चों को पैसे के बारे में जो भी सिखाते है, वह बताता है कि हमारे बच्चे आगे जाकर अमीर बनेंगे या गरीब।

Rich's Dad Rich Kid Smart Kid Book Summary
Rich Kid Smart Kid Book Summary Hindi

वित्तीय शिक्षा घर से शुरू करना



औद्योगिक युग में नियोक्ता हमारी सेवानिवृत्ति योजना के लिए जिम्मेदार था। सूचना युग में कर्मचारी जिम्मेदार है।

इतिहास में किसी भी अन्य समय की तुलना में आज शिक्षा अधिक महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे हम औद्योगिक युग को पीछे छोड़ते हैं, और सूचना युग में प्रवेश करते हैं तो इसी के साथ शिक्षा का मूल्य भी बढ़ जाता है।

औद्योगिक युग में परिवर्तन धीमा था। हम जो सीखने के लिए स्कूल गए वह लंबे समय तक मूल्यवान था। सूचना युग में हम जो जानते हैं वह बहुत जल्दी पुराना हो जाता है। हमने जो सीखा वह महत्वपूर्ण है लेकिन उतना महत्वपूर्ण नहीं, जितना हम तेजी से सीख सकते हैं या नई जानकारी को अपना सकते हैं।

लेखक ने यहां पर कुछ उदाहरण दिए हैं जिनसे हम यह पता कर सकते हैं कि किस प्रकार समय बदल रहा है।

  1. आज हमारे यहां 20 साल के बच्चे अरबपति बन रहे हैं।
  2. आज हमारे पास 20 साल के स्व-निर्मित अरबपति हैं जिनके पास कभी नौकरी नहीं थी।
  3. किसी बड़ी कंपनी में अच्छी नौकरी पाने की उम्मीद करने के बजाय, बहुत-से छात्र अपने छात्रावास के कमरों में से अपना व्यवसाय शुरू कर रहे हैं।
  4. आज घर पर शिक्षा पाने वाले बच्चों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है।
  5. सीधे शब्दों में कहे तो सूचना का युग आर्थिक बदलाव ला रहा है।

वित्तीय मानसिकता को समझना



एक महान शिक्षक हमारी प्रतिभा को सामने लाता है ना कि केवल जानकारी को रटाता है।

लेखक बताते है कि कभी भी हम एक गरीब व्यक्ति को अमीर नहीं बना सकते है, केवल अमीर व्यक्ति को ही अमीर बनाया जा सकता है। क्योंकि अमीर होना हमारे मानसिक विचारों और विश्वासों पर निर्भर करता है। इसलिए अमीर बनने के लिए हमें गरीबी की मानसिकता से अमीरी की मानसिकता अपनानी होती है।

वित्तीय बुद्धिमत्ता इस बारे में नहीं है कि हम कितना पैसा कमाते हैं बल्कि यह इस बारे में है कि हम कितना पैसा रखते हैं और वह पैसा हमारे लिए कितनी मेहनत से काम करता है।

बहुत से लोग पैसे के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं और इस प्रक्रिया में धीरे-धीरे वे खुद को समाप्त कर लेते हैं। अपने परिवार के साथ-साथ खुद की मानसिकता और शारीरिक भलाई का त्याग करके कड़ी मेहनत करना, यह आर्थिक रूप से बुद्धिमानी नहीं है।

पैसा हमें खुश नहीं करता है। यह कभी मत सोचिए कि जब हम अमीर हो जाएंगे तो हम खुश होंगे। यदि हम गरीबी के दौरान खुश नहीं है तो संभावना है कि जब हम अमीर बनेंगे, तो भी खुश नहीं होंगे। इसलिए चाहे हम अमीर हो या गरीब इस बात पर ध्यान दे कि हमें खुद में खुशियाँ ढूंढना आना चाहिए।

अच्छा और बुरा ऋण

हम अपनी आवश्यकता के अनुसार कर्ज लेते है यह एक अच्छी बात है। लेकिन हमें यह भी पता होना चाहिए कि कर्ज एक भरी बंदूक की तरह है। यह हमारी सुरक्षा भी कर सकता है, और हमें मार भी सकता है इसलिए हमें अच्छे कर्ज और बुरे कर्ज के बीच अंतर करना सीखना होगा।

यहाँ लेखक हमें विभिन्न वर्ग, कर्ज के बारे में क्या सोचते है इस बारे में कुछ बातें बताते है जो इस प्रकार है;

  1. गरीब वर्ग; गरीब लोग सूट पहने किसी बैंकर से बात करने में असाहय महसूस करते हैं। इसलिए वे बैंक जाने के बजाय, अपना पैसा बचाकर किसी बिस्तर के नीचे या किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर छुपा देते हैं।
  2. मध्यम वर्ग; मध्यमवर्गीय लोग, बैंक को पैसे रखने के लिए एक सुरक्षित स्थान के रूप में देखते हैं। लेकिन उनका सोचने का तरीका यही होता है कि बैंक अच्छे हैं, बचत अच्छी है, और उधार लेना बुरा है।
  3. अमीर वर्ग; अमीर लोग यह नहीं सोचते हैं कि पैसा बचाना अच्छा है या कर्ज बुरा है। इसके बजाय वे अच्छी बचत और बुरी बचत, अच्छे खर्च और बुरे खर्च, अच्छे कर्ज और बुरे कर्ज, अच्छे नुकसान और बुरे नुकसान, अच्छी आय और बुरी आय, अच्छे कर और बुरे कर, अच्छे निवेश के बीच अंतर करना सीखने में अधिक समय लगाते हैं।

यदि हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा बड़ा हो, और उसे कम समय में बहुत अमीर बनने का अवसर मिले, तो माता-पिता के रूप में हमें अपने बच्चों को कर्ज और कर्ज के मैनेजमेंट की बुनियादी बातें सीखाने की आवश्यकता है।

यदि हम अपने बच्चों को कर्ज के बारे में कुछ भी नहीं सिखाते हैं, तो संभावना है कि हमारे बच्चे अपने जीवन के अधिकांश समय में आर्थिक रूप से संघर्ष करने, कड़ी मेहनत करने, बचत करने और कर्ज से बाहर निकलने की कोशिश में अपना अधिकतर जीवन बिता देंगे।

एक Parenting रणनीति

हम सभी अपने बच्चों को किसी-न-किसी प्रकार से ज्ञान देने का प्रयास करते है। इसमें वित्तीय ज्ञान, साफ-सफाई का ज्ञान, दुसरो के साथ व्यवहार करने का ज्ञान, बेहतर सोचने का ज्ञान आदि शामिल है।

लेखक हमें अपने बच्चों को सिखाने और पालन-पोषण करने की कुछ रणनीतियां हमारे साथ साझा करते है। जो इस प्रकार है;

  1. व्यक्तिगत उत्तरदायित्व; ऐसे कुछ कर्तव्य या कार्यों को निर्धारित करना, जो अपने बच्चों के व्यक्तिगत स्वास्थ्य और विकास के लिए आवश्यक हों।
  2. पारिवारिक या सामाजिक उत्तरदायित्व; ऐसे कुछ कर्तव्य या कार्यों को निर्धारित करना, जो पारिवारिक या सामाजिक वातावरण में योगदान करते हैं जिसके परिणाम स्वरुप वित्तीय पुरस्कार नहीं, खुशी मिलती हों।
  3. विशिष्ट कार्यों के लिए भुगतान करना; इसमें बच्चों को एक निश्चित कार्य के पूर्ण होने पर नकद या अन्य प्रोत्साहन दिया जाता है। इस प्रकार का प्रोत्साहन उन्हें स्वतंत्रता और स्वाधीनता का अनुभव करने का अवसर देता है।
  4. बिज़नेस मानसिकता को प्रोत्साहित करना; जीवन में जितनी जल्दी अपने बच्चे दूसरों के लिए काम करना और अपने लिए काम करने के बीच के अंतर को समझेंगे, उनकी वित्तीय सफलता की संभावना उतनी ही बेहतर होगी।

इन रणनीतियों को पढ़ने के बाद अब हमारी बारी है कि हम किस प्रकार अपने बच्चों को सिखाने में इनका उपयोग कर सकते है।

अपने बच्चों को सिखाने के तरीके



अपने बच्चों को सिखाने का सबसे अच्छा तरीका अनुभव है।

अपने बच्चों को सिखाने पर और अधिक ध्यान देते हुए लेखक ने कुछ और व्यवहारिक नियम हमारे साथ साझा किये हैं। इन नियमों को सिखाते हुए हम अपने बच्चों के साथ समय भी बिता सकते है और उनके साथ मौज-मस्ती भी कर सकते है।

यह बातें नियम कम और यात्रा ज्यादा लगती है इसलिए हमें अपने बच्चों को करते हुए सिखाने पर जोर देना है। नाकि एक जगह बैठकर लेक्चर देते हुए। तो यह यात्राए इस प्रकार है;

  1. भोजन की मेज पर वित्तीय यात्रा। अपने बच्चों को पैसो के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्हें अपने बिलों के बारे में बताए, और इन्हें समझने और कैलकुलेट करने में मदद करें।
  2. बैंक की वित्तीय यात्रा। अपने बच्चों को बैंक ले जाए, और उन्हें दिखाएं कि आने-जाने वाले लोग क्या कर रहे हैं? अगर बैंक ज्यादा व्यस्त न हो तो बैंक के लोगों से भी अपने बच्चों की बात करवा सकते हैं। और घर पर आने के बाद उनसे बैंक के बारे में और लोगों के बारे में प्रश्न पूछे।
  3. किराने की दुकान की वित्तीय यात्रा। महीने में एक बार अपने परिवार के भोजन की योजना बनाने और सामान खरीदने के लिए अपने बच्चों को साथ ले जाये और उनकी मदद लें।
  4. उपकरण डीलर के पास वित्तीय यात्रा। खरीदारी करते समय अपने बच्चों को बताएं कि अब हमें अपने मानसिक बजट में नया भुगतान शामिल करना होगा। उस डील के बारे में अपने बच्चों के साथ चर्चा करें।

और भी यात्रा हम अपने बच्चों के सीखने के तरीके के अनुसार कर सकते है, या बना सकते है। यह यात्राए खेल-खेल में हमारे बच्चों को बहुत कुछ सीखा देती है।

निष्कर्ष

Rich Kid Smart Kid बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखें जो इस प्रकार है।

  1. वित्तीय शिक्षा स्कूलों में नहीं दी जाती इसलिए इसे अपने बच्चों को घर से ही सिखाना होता है।
  2. अपने बच्चों की वित्तीय मानसिकता विकसित करना, बचपन से ही शुरू कर देना चाहिए।
  3. अपने बच्चों को अच्छे और बुरे कर्ज के बारे में बेहतर तरीके से बताए ताकि वे भविष्य में कर्ज के जाल में न फंसे।
  4. अभिभावक के रूप में हमें अपने बच्चों को सिखाने के लिए बेहतर तरीके ढूंढ़ने होंगे।
  5. अपने बच्चों को सीखने के लिए वे बेहतर तरीके जो अमीर लोग उपयोग करते हैं।


END

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