Rich Dad Guide To Investing Book

Rich Dad's Guide To Investing बुक समरी में हम निवेशक बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार होना, 90/10 पैसों का नियम जानना, निवेशक का प्रकार चुनना, एक शक्तिशाली व्यवसाय बनाना और परिष्कृत निवेशक बनना सीखेंगे।

लेखक Robot T Kiyosaki द्वारा लिखित Rich Dad's Guide To Investing बुक में, लेखक अपने अनुभव और अपने गुरु अमीर डैडी द्वारा मिले निवेश के ज्ञान को हमारे साथ साझा करते हैं। यह बुक हमें निवेश की मानसिकता विकसित करने, अपनी वित्तीय बुद्धिमत्ता को बढ़ाने, कैलकुलेटेड जोखिम लेने, अवसरों का लाभ उठाने, अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपनी गलतियों पर काम करने पर जोर देती है।

यह बुक हमें निवेश की मानसिकता विकसित करने और एक व्यवसाय को समझने पर अधिक जोर देती है। क्योंकि हम निवेश किसी व्यवसाय में ही करते हैं।

Rich Dad's Guide To Investing Book Summary
Rich Dad's Guide To Investing Book Summary Hindi

मानसिक रूप से तैयार होना

निवेश करना केवल पैसों के बारे में नहीं है, बल्कि यह हमारी मानसिकता के बारे में भी है। क्योंकि हम पैसे को भावनाओं के साथ जोड़कर देखते हैं ना कि तथ्यों के साथ। इसलिए निवेश की दुनिया में उतरने के लिए हमें अपनी मानसिकता को जानना और समझना जरूरी है।

इसमें हमें निवेश में आने वाली चुनौतियां और जिम्मेदारियों के लिए मानसिक रूप से तैयार होना, अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को समझना, निवेश के बारे में खुद को शिक्षित करना और एक लचीली मानसिकता विकसित करना शामिल हैं।

लेखक ने इस बुक में अनेक महत्वपूर्ण सबक बताए हैं, जिससे हम अपनी मानसिकता विकसित कर सकते हैं उसमें से तीन महत्वपूर्ण सबक इस प्रकार है।

  1. अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को समझना; यह स्पष्ट होना चाहिए कि हम निवेश क्यों करना चाहते हैं और हम क्या उम्मीद रखते हैं।
  2. निवेश के बारे में खुद को शिक्षित करना; अपने स्पष्ट लक्ष्य बनाने के बाद हमें निवेश ज्ञान,कौशल और अनुभव की आवश्यकता होती है।
  3. लचीली मानसिकता विकसित करना; निवेश में अनिश्चितताएं और असफलताएं शामिल होती है। इसलिए हमें ऐसी मानसिकता विकसित करनी होगी जो असफलता को सीखने के अवसर के रूप में देखना और अपने सिस्टम पर दृढ़ रहने में मदद कर सकें।

90/10 पैसों का नियम



सोचना संसार का सबसे मुश्किल काम है इसलिए बहुत कम लोग इसे करते हैं।

लेखक के अनुसार पैसों के मामले में 90/10 का नियम चलता है। इस नियम के अनुसार, 90% पैसों के मालिक 10% लोग होते हैं, और बचे हुए 10% पैसों के मालिक 90% लोग होते हैं, जिसमें गरीब और मध्यम वर्गीय लोग शामिल हैं।

10% पैसे बनाने वाले लोगों के समूह में शामिल होने के लिए हमें पैसे की आवश्यकता नहीं है बल्कि हमें अपने विचारों पर काम करने की आवश्यकता हैं। 10% समूह वाले लोग उन संपत्तियों को खोजते हैं जिसमें पैसे की आवश्यकता नहीं होती।

अगर हम उन 10% में शामिल होना चाहते है जो 90% पैसा कमाते हैं। तो हमें यह जानने की जरूरत होगी कि रचनात्मक विचारों के आस-पास एक बिज़नेस तंत्र कैसे बनाया जाए।

हमें यह सिखाया जाता है कि नौकरी से मिलने वाली आमदनी को संपत्ति खरीदने के लिए कैसे बचाई जाये, जबकि अमीर लोगों को यह सिखाया जाता है कि बिना पैसे के संपत्ति कैसे बनाई जाये।

निवेशक का प्रकार चुनना



जब हम अपना पहला मिलियन बनाना सीख लेते हैं तो अगले 10 मिलियन आसान हो जाएंगे।

निवेशक की मानसिकता विकसित करने के बाद लेखक हमें निवेशक के प्रकार चुनने पर जोर देते हैं। क्योंकि अलग-अलग निवेशक के लिए कर कानून, निवेश करने के तरीके, और अवसर अलग-अलग होते हैं।

लेखक ने हमारे सामने पांच निवेशकों के प्रकार बताए हैं जो इस प्रकार है।

  1. मान्यता प्राप्त निवेशक; जिसकी ऊंची आमदनी या नेटवर्क होती है। यह निवेशक उन चीजों में निवेश कर सकता है जिन चीजों में अधिकतर लोगों को निवेश करने को नहीं मिलता है।
  2. योग्यता प्राप्त निवेशक; यह जानता है कि सार्वजनिक रूप से ख़रीदे और बेचे जाने वाले शेयर्स का विश्लेषण कैसे किया जाए। इसमें स्टॉक ट्रेडर और विश्लेषक शामिल होते हैं।
  3. परिष्कृत निवेशक; यह निवेशक अपनी आमदनी को अधिकतम करने और अपनी कैपिटल की सुरक्षा करने के लिए टैक्स, कॉरपोरेशन और सिक्योरिटीज कानून का उपयोग करता है।
  4. अंदरूनी निवेशक; सफल व्यवसाय बनाना अंदरूनी निवेशक का लक्ष्य होता है।
  5. सर्वश्रेष्ठ निवेशक; बेचने वाला शेयरधारक बनना ही सर्वश्रेष्ठ निवेशक का लक्ष्य होता है। सर्वश्रेष्ठ निवेशक एक सफल व्यवसाय का स्वामी होता है, जिसमें वह जनता को शेयर्स बेचता है।

हर कोई अपनी मानसिकता के अनुसार अलग-अलग प्रकार का निवेशक बन सकता है। लेखक हमें अंदरुनी निवेशक बनने से शुरुआत करने पर जोर देते हैं ताकि हम एक व्यवसाय को बनाना सीख सकें और आगे चलकर हम एक सर्वश्रेष्ठ निवेशक बन सकें।

हम कोई भी निवेशक का प्रकार चुन सकते हैं, लेकिन एक सफल निवेशक बनने के लिए हम सभी को तीन E की आवश्यकता होगी। जिसमें वित्तीय शिक्षा(E), अनुभव(E), और अत्यधिक पैसे(excess money) की आवश्यकता होती है। एक बार जब हमारे पास तीनों E आ जाते हैं तो हम सफल निवेशक बन जाते है।

शक्तिशाली व्यवसाय बनाना

शुरुआत में जोखिम ऊंचा है लेकिन अगर हम यह सीखते है कि व्यवसाय कैसे बनाना है, तो हमारी आमदनी की संभावना असीमित हो जाती है। जो लोग जोखिम नहीं लेना चाहते या सीखने की इतनी मुश्किल चढ़ाई नहीं चढ़ना चाहते, वे अपना जोखिम तो कम कर सकते हैं लेकिन उनका आजीवन मुनाफा भी कम हो जाता है।

यहां पर 6 तरीके दिए गए हैं जिन पर ध्यान देकर हम एक शक्तिशाली व्यवसाय बना सकते हैं।

  1. B और E Quadrant; इस Quadrant में बने रहने के लिए हमें स्पष्ट लक्ष्य, बेहतर टीम और एक सफल व्यवसाय बनाने की मानसिकता की आवश्यकता होती हैं।
  2. कैशफ्लो मैनेजमेंट; अच्छे कैशफ्लो मैनेजमेंट से हम अपने पैसों पर आवश्यकता के अनुसार नजर डाल सकते हैं। इससे पैसे का संकट आने से पहले ही किसी बड़ी पैसे की योजना बना सकते हैं।
  3. Communication मैनेजमेंट; हम Communication में जितने बेहतर होंगे और उतना ही अधिक हमारा कैशफ्लो बेहतर होता जाता है।
  4. सिस्टम मैनेजमेंट; एक व्यवसाय अनेक सिस्टमों से मिलकर बना होता हैं और हर एक सिस्टम जो व्यवसाय को चलाता है उसे मैनेज करना जरूरी हो जाता है।
  5. कानून मैनेजमेंट; हर सेवा को कानूनन अधिकार देने के लिए कुछ कानून बनाये गए है जैसे पेटेंट, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट। यह कानूनी दस्तावेज हमें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करते हैं और हमारी बौद्धिक संपदा का स्वामित्व देते हैं।
  6. प्रोडक्ट मैनेजमेंट; E और S Quadrant के लोग सोचते है कि प्रोडक्ट की क्वालिटी ही बिज़नेस की सफलता का रहस्य है। वहीं B और I Quadrant के लोग सोचते है कि प्रोडक्ट के साथ बिज़नेस सिस्टम सफलता का रहस्य है।

इस मॉडल के अनुसार व्यवसाय बनाना सीखना बहुत जोखिम भरा होता है, फिर भी इस रास्ते पर चलकर बहुत से लोग कोशिश करते है, लेकिन बहुत कम सफल हो पाते हैं।

परिष्कृत निवेशक बनना



सफल निवेशक बनने के लिए हमें बिजनेस समझना होगा, क्योंकि हम निवेश किसी बिजनेस में ही करते हैं।

लेखक हमें बताते हैं कि परिष्कृत निवेशक वह होता है जिसके पास उच्च वित्तीय ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता हो। जो अपने पैसे को बढ़ाना और बचाना जानता हो।

लेखक बताते हैं कि अगर हम एक व्यवसाय बनाने के रास्ते पर निकलते हैं, और आने वाले मुश्किलों और परिस्थितियों को हल करते हुए एक बिज़नेस खड़ा करते हैं। तो हम उन सबक के माध्यम से एक परिष्कृत निवेशक बन सकते हैं।

एक निवेशक बनने के लिए हमें इन चीजों पर नियंत्रण हासिल करना होता है। जो इस प्रकार है;

  1. स्वयं पर नियंत्रण।
  2. संपत्ति/दायित्व ratio पर नियंत्रण।
  3. निवेश के मैनेजमेंट पर नियंत्रण।
  4. टैक्स पर नियंत्रण।
  5. कब खरीदना हैं और कब बेचना हैं, उस पर नियंत्रण।
  6. दलाली के फैसलों पर नियंत्रण।
  7. Institutional system, समय, चरित्र पर नियंत्रण।
  8. अनुबंध की शर्तों पर नियंत्रण।
  9. जानकारी तक पहुंच पर नियंत्रण।
  10. परोपकार और दौलत के पुनः वितरण पर नियंत्रण।

निष्कर्ष

Rich Dad's Guide To Investing बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी जो इस प्रकार है;

  1. निवेशक बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार होना।
  2. 90% पैसों के मालिक 10% लोग होते हैं इसलिए हमें 10% लोगों की तरह निवेश करना सीखना होगा।
  3. निवेश की मानसिकता विकसित करने के बाद हमें निवेश का प्रकार चुनना होता है।
  4. हम एक व्यवसाय शुरू करके निवेश की मानसिकता को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
  5. हमें परिष्कृत निवेशक बनने का हर संभव प्रयास करना चाहिए, ताकि हम आगे चलकर सर्वश्रेष्ठ निवेशक बन सकें।

END

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