The Power Of Habits Book Summary Hindi

The Power Of Habits बुक समरी में हम हैबिट लूप को समझना, वैज्ञानिक तरीके से आदत बनाना, प्रभावशाली आदतों को पहचानना, आदतें और इच्छाशक्ति, छोटी जीत और गति बढ़ाने के बारे में जानेंगे।

लेखक Charles Duhigg द्वारा लिखित The Power Of Habits बुक हमें आदतों के सिद्धांत को बताती है। यह बुक कहानियों, रिसर्च और व्यावहारिक सोच के माध्यम से आदतों के नियमों को उजागर करती है। जिन्हें जानकर ऐसा लगता है कि आदतें हमारी नियति नहीं है, बल्कि एक विकल्प है, जिसे हम हर दिन चुनते है। हमारे द्वारा जाने-अनजाने में डाली गई आदतें, अगर हमें पसंद है तो उन्हें और बेहतर, और पसंद नहीं है तो इन्हें इस बुक की मदद से छोड़ा भी जा सकता है।

सफल लोग इसलिए सफल नहीं होते कि वे बहुत मेहनती होते है, बल्कि इसलिए सफल होते है क्योंकि उनकी आदतें सफलता की ओर ले जाने वाली होती है, इसलिए वे धीरे-धीरे सफलता तक पहुंच ही जाते हैं।

The Power of Habit Book Summary
The Power of Habit Book Summary Hindi

हैबिट लूप को समझना

हैबिट लूप तीन क्रियाओं से मिलकर बना है जिसमें संकेत, दिनचर्या और इनाम शामिल है। इन तीनों क्रियाओं के काम करने के बाद ही, हम किसी आदत के चक्र में फसते है।

  1. संकेत। आदत या क्रिया को शुरू करने के लिए एक ट्रिगर का काम करता है।
  2. दिनचर्या। वे क्रियाएं हैं जो हम संकेतों के जवाब में करते हैं।
  3. पुरस्कार। इन व्यवहारों को मजबूत करता है, इनाम जितना संतुष्टि दायक होगा उतना ही हम उस आदत को बार-बार दोहराएंगे।

मान लीजिए कि हमें सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन चेक करने की आदत है। तो सुबह उठना या नींद से उठना हमारे लिए एक संकेत होता है कि हमें अपना फोन चेक करना है। उसके बाद हम बिस्तर में लेटे-लेटे ही फ़ोन चलाने लगते है, यह कुछ समय बाद हमारी दिनचर्या बन जाता है। और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन या हमारे फ़ोन देखना, हमारे लिए इनाम का काम करता है।

यह दिनचर्या हम जितनी बार दोहराते है यह हमारे लिए एक आदत का चक्र बन जाती है। सुबह उठना फोन देखना, चाहे हमें कोई काम हो या ना हो। इससे बचने के लिए हम अपना फ़ोन अपने बिस्तर से दूर रख सकते है, या घर के किसी सदस्य को दे सकते है ताकि हमारी इस आदत के चक्र को तोड़ा जा सकें।

वैज्ञानिक तरीके से आदत बनाना

हमारी हर आदत हमारे माइंड में एक पैटर्न बनाती है। जब हम नई परेशानी में होते है तब हमारा माइंड ज्यादा एक्टिव होता है और हर चीज को याद करने की कोशिश करता है। और जब हमें उस परेशानी का हल मिल जाता है तब हमारा माइंड उस प्रक्रिया को याद कर लेता है और उसका एक पैटर्न बना लेता है।

जब हम दोबारा वैसी ही परिस्थितियों का सामना करते है, तब हमारा माइंड उस पैटर्न को फिर से दोहराता है इस प्रकार वह पैटर्न हमारे दिमाग में और मजबूत होता जाता है। कुछ समय बाद, हमें इस आदत के पैटर्न पर अधिक सोच विचार की आवश्यकता नहीं होती है।

वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में पाया है कि जब हम किसी आदत से जुड़ने का प्रयास करते है जैसे; कार चलाना सीखना तब prefrontal cortex(जो हमें निर्णय लेने में मदद करता है) में अधिक गतिविधि देखी जाती है।

जब हम कार चलाना सीख जाते है तब prefrontal cortex में गतिविधियां कम हो जाती है, और उस आदत को basal ganglia(यह किसी भी आदत को स्वचालित बनाता है) मैनेज करने लगता है।

प्रभावशाली आदतों को पहचानना



सफलता के लिए सफल आदतों को बढ़ाना और असफल आदतों को कम करना होता है।

लेखक उन आदतों को ढूढ़ने और उन पर काम करने पर जोर देते है, जिसका प्रभाव हमारी जिंदगी के दूसरे कामों पर भी पड़ता है। क्योंकि यह आदतें हमें कम कामों में अधिक उत्पादक बना देती है।

हमारा जीवन पूरी तरह आदतों पर ही चलता है और इन आदतों में कुछ हमें सफलता की ओर ले जाती है तो कुछ असफलता की ओर और कुछ हमें कहीं नहीं ले जाती।

सफलता की अधिक आदतें (जैसे किताब पढ़ना, व्यायाम करना, अपने बिज़नेस पर फोकस रखना) होने से हम धीरे-धीरे सफलता की ओर बढ़ते रहते है। वह कुछ आदतें हमारे शरीर, रिश्तों, और आत्म-खुशी के लिए होती है, जो हमें बेहतर महसूस करवाने में मदद करती है। जो हमारी सफलता की आदतों को कायम रखने में भी अपना योगदान देती हैं।

कुछ आदतें (जैसे सीखने के लिए तैयार न रहना, दूसरों को दोष देना, साफ-सफाई का ध्यान न रखना, अपने खाने पर ध्यान न देना) हमें असफलता की ओर ले जाती है। इनकी पहचान करना और इन्हें कम करना जरुरी है। क्योंकि यह जितनी कम रहेंगी उतनी अधिक सफल आदतों को फॉलो करने का समय होगा।

आदतें और इच्छाशक्ति



अपनी असफल आदतों को अधिक रोकने और सफल आदतों को अधिक जोर देने से अच्छा है उन्हें डिफ़ॉल्ट आदतें बनाने का प्रयास करें।

हम सभी जानते हैं कि हमारी इच्छा शक्ति हमें कार्य करने की प्रेरणा देती है। लेकिन केवल इच्छा शक्ति होने से हम किसी कार्य में महारत हासिल नहीं कर सकते या लंबे समय में सफलता हासिल नहीं कर सकते, इसके लिए हमें आदतों का भी उपयोग करना होता है।

दिन भर में, हम अनगिनत निर्णयों और कठिनाइयों का सामना करते हैं जो हमारे आत्म-नियंत्रण के भंडार को खत्म कर देते हैं। परिणामस्वरूप, असफल आदतों को छोड़ने या नई आदतों को स्थापित करने के लिए केवल इच्छाशक्ति पर निर्भर रहना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसलिए लेखक हमें अपनी असफल आदतों को अधिक रोकने और सफल आदतों को अधिक जोर देने से अच्छा उसे डिफ़ॉल्ट आदतें बनाने पर जोर देते हैं। क्योंकि जो आदतें हमें पसंद नहीं होती उन्हें रोकने की कोशिश करने से हम अपने लिए नकारात्मक भावना महसूस कर सकते है।

उदाहरण के लिए, अस्वास्थ्य भोजन से विरोध करने के बजाय खुद को स्वास्थ्य भोजन दे और अपने आस-पास स्वास्थ्य भोजन रखने पर भी ध्यान दे। अगर हमें किताब पढ़ना शुरू करना है तो हमें अपने आस-पास पढ़ने की सामग्री या किताबें रखनी होगी, ताकि हमें बार-बार किताबें पढ़ने की इच्छा हो ना कि उन्हें छोड़ने की।

छोटी जीत और गति



आदत निर्माण में देखे तो, छोटी जीतें, प्रेरणा और गति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

छोटी जीतें जो हमें महत्वहीन लग सकती हैं, लेकिन उनका हमारे लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, जो हमारी आदतों में गति देती है और निरंतर प्रयास को प्रेरित करती है। छोटी जीत का जश्न मनाने से सकारात्मक व्यवहार मजबूत होता है और प्रगति की भावना पैदा होती है। जो हमारे आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़ा देती है।

हर बार जब हम किसी आदत को सफलतापूर्वक दोहराते हैं या किसी आदत को छोड़ने में सफल होते हैं, तो हम एक छोटी सी जीत का अनुभव करते हैं। यह छोटी जीत 'हम कर सकते' की भावना पैदा करती है।

उदाहरण के लिए, अगर हम व्यायाम की आदत डालना चाहते है, तो हमें व्यायाम करने के साथ पुरस्कार भी सेट करना होगा, ताकि पुरस्कार की इच्छा हमसे वह आदत को फॉलो करने के लिए ललचाए।

जब हमें मनोरंजक पुरस्कार मिलते है तो अपनी आदतों पर टिके रहने और उसे प्रतिदिन फॉलो करने की संभावना बढ़ जाती है। यह नियम बचपन में अपने माता-पिता अच्छे से उपयोग करते थे और आज भी करते है। जैसे;

  1. स्कूल जाने पर कुछ पैसे देना।
  2. घूमने जाने का लालच देना।
  3. अपने लिए पुरस्कार सेट करना।

निष्कर्ष

The Power Of Habits बुक समरी में हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी जो इस प्रकार है;

  1. प्रत्येक आदत एक लूप की तरह काम करती है जिसमें संकेत, दिनचर्या और इनाम शामिल है।
  2. हमारा माइंड हर काम को जल्दी और बिना सोचे करने के लिए हर परिस्तिथियों के हल का एक पैटर्न बनाता है।
  3. हमें लेवरेज वाली आदतों को पहचान कर अपनी आदतों से अपने जीवन को बेहतर कर सकते है।
  4. हम आदतों को पूरी तरह इच्छाशक्ति पर नहीं छोड़ सकते, इसलिए हमें इन्हें डिफॉल्ट बनाना होता है।
  5. छोटी-छोटी जीतें हमें अपनी आदतों पर कायम रहने की प्रेरणा देती है।

END

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