Rich Dad Cashflow Quadrant Book

Rich Dad's Cashflow Quadrant बुक समरी में हम कर्मचारी Quadrant, स्वरोजगार Quadrant, बिजनेस Quadrant, और निवेश Quadrant के बारे में जानेंगे।

लेखक Robert T Kiyosaki द्वारा लिखित Rich Dad's Cashflow Quadrant बुक आर्थिक रूप से स्वतंत्र और अमीर बनने की राह दिखाती है। यह किताब हमें चार प्रकार के Quadrant के बारे में बताती है जो इस प्रकार है कर्मचारी, स्वरोजगार, बिजनेस और निवेश Quadrant। यह बुक बताती हैं कि क्यों कुछ लोग आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाते हैं, और कुछ लोग जीवन भर मेहनत से काम करने के बाद भी आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं होते हैं।

यह बुक चार Quadrant या चार प्रकार की पैसों की सोच को हमारे सामने रखती है, साथ ही यह हमें कर्मचारी और स्वरोजगार Quadrant से बिजनेस और निवेश Quadrant की मानसिकता भी अपनाने में मदद करती है।

Rich Dad's Cashflow Quadrant Book Summary Hindi
Rich Dad's Cashflow Quadrant Book Summary

Cashflow Quadrant

लेखक हमें चार quadrant के बारे में बताते है, जो इस प्रकार है;

  1. दूसरों के लिए काम करना(E)
  2. अपने काम का मालिक खुद होना(S)
  3. टीम मैनेज करते हुए काम करना(B)
  4. पैसे को काम पर लगाना(I)।

यह Quadrant हमारे पैसे कमाने के तरीको को बताते है। हम जिस प्रकार की मानसिकता से अपना काम करते है वह एक Quadrant के रूप में पता किया जा सकता है।

चार Quadrant की मानसिकता इस प्रकार है;

  1. कर्मचारी Quadrant में नौकरी करने वाले लोग शामिल है, जिनकी मानसिकता और बातें सुरक्षा को अधिक ध्यान में रखकर होती है।
  2. स्वरोजगार Quadrant में वे लोग शामिल है जो खुद काम करने पर ज्यादा जोर देते है। ऐसे व्यक्ति किसी काम के विशेषज्ञ होते है।
  3. बिजनेस Quadrant में एक बिज़नेस की मानसिकता रखने वाले लोग शामिल होते है, जो एक बिज़नेस बनाते है और टीम के साथ काम करते है।
  4. निवेश Quadrant में वे लोग शामिल होते है जो दूसरो के बिज़नेस में पैसा लगाते है।

Employee(E) Quadrant

इस Quadrant में हम नौकरी की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देते है। इसमें वे लोग शामिल है, जो खुद को बेहतर बनाने के बारे में सोचे बिना, जिंदगी में जो मिला उससे संतुष्ट हो जाते है।

जब हम नौकरी की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देते हैं तो इससे नौकरी छूट जाने का डर पैदा होता है। जिसके कारण हम अपने बॉस के लिए कड़ी मेहनत से काम करते है, ताकि वह हमें नौकरी से न निकाल दे।

इस प्रकार की मानसिकता से बचने के लिए self-doubt या प्रश्न पूछना जरुरी है। जैसे क्या मैं नौकरी करके आर्थिक रूप से स्वतंत्र और अमीर बन सकता हूँ? क्या नौकरी ही मेरे लिए एक मात्र विकल्प है? आदि।



नौकरी दीर्घकालीन समस्या का अल्पकालिक समाधान है।

नौकरी करने के साथ-साथ हमें निवेश करना भी सीखना है क्योंकि नौकरी हमें केवल आज जीवित रख सकती है कल नहीं। लेकिन हमारे पास निवेश का सपोर्ट हो तो हम नौकरी के डर को ख़त्म कर सकते है, और उस नौकरी को एक इनकम का जरिया मान सकते है।

लेखक बताते है नौकरी करना गलत नहीं है लेकिन उसकी मानसिकता को स्वीकार करना गलत है। यह भी सच है कि अपनी मानसिकता को स्वीकार करने के लिए साहस की आवश्यकता होती है।

Self-Employee(S) Quadrant

इस Quadrant में हमारी मानसिकता, कोई भी काम स्वयं करने पर जोर देती है। इस Quadrant में हम जितना अधिक काम करेंगे, हमें उतनी ही अधिक इनकम प्राप्त होगी और जब हम काम नहीं करते है तो हमारी इनकम भी बंद हो जाती है।

इस Quadrant में हमें अपने सीखने के तरीके पर अधिक ध्यान देना होगा। क्योंकि यहां हमें कोई नहीं बताता कि हमें क्या करना है और क्या नहीं। यह Quadrant उनके लिए ठीक है, जिनके पास किसी कार्य को करने की विशेष योग्यता हैं।

लेखक बताते है कि अपने बिज़नेस से कमाने और खाने पर अधिक ध्यान नहीं देना है, बल्कि इस बात पर गौर करना है कि हम अपने व्यवसाय को कैसे बढ़ा सकते है।

अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना हमें बताता है कि हम अपनी नौकरी की मानसिकता से बाहर आ गये है। लेकिन अपना व्यवसाय शुरू करने के बाद हमें अपने निवेश ज्ञान पर अधिक ध्यान देना शुरू कर देना है।

क्योंकि बिज़नेस को बढ़ाने के लिए हमें निवेश और वित्तीय ज्ञान की आवश्यकता होगी, और यही ज्ञान हमें, Quadrant बदलने में भी मदद करता है।

Business Owner(B) Quadrant

इस Quadrant में हम अपना सिस्टम बनाने पर ध्यान देते है, जो हमारे आईडिया पर काम कर सकें। साथ ही, इस Quadrant में हम अपना काम लोगों में बांटना और मैनेज करने की योग्यता पर अधिक ध्यान देते हैं।

बिज़नेस ओनर बनने के लिए, हमें सफलता को पचाना और असफलता को स्वीकार करना तथा उससे सीखना होगा। हम सभी जानते है कि एक सफल बिज़नेस खड़ा करने के लिए हमें 10 में से 7 बार असफलता का सामना करना पड़ेगा। लेकिन असफलता के बाद भी अपने लक्ष्य के प्रति काम करते रहना जरुरी है।

यह Quadrant हमें अच्छे लोगों को काम पर रखना सिखाता है जिससे हम अपना बिज़नेस चला सकें। बिज़नेस की मानसिकता अपनाने के लिए हमें लीडरशिप, अच्छी बातचीत करना, अच्छे प्लान बनाना और बेहतर मैनेजमेंट विकसित करना सीखना होगा।

लेखक बताते है कि एक बिज़नेस ओनर अपने बिज़नेस को बढ़ाने का हर संभव प्रयास करता है, हमें भी यह सीखना होगा की हम अपनी इनकम को अपने बिज़नेस को बढ़ाने में कैसे उपयोग कर सकते है।

Investing(I) Quadrant

इस Quadrant में हम दूसरों के बिजनेस में निवेश करते है और बिज़नेस हमें अपना पैसा बढ़ाने में मदद करता है। ऐसा करने के लिए हमें निवेश ज्ञान की आवश्यकता होती है।

निवेश करना आसान भी है और कठिन भी। यह आसान है क्योंकि आज हम अपने पैसे से कुछ भी खरीद सकते है जैसे स्टॉक, बांड, कमोडिटी, प्रॉपर्टी आदि। लेकिन इससे पैसा नहीं बनता, पैसा निवेश ज्ञान से बनता है।

निवेश की मानसिकता अपनाने से निवेश की गलतियों से सीखना आसान हो जाता है। इस Quadrant में बने रहने के लिए अपनी गलतियों पर काम करना और खुद को बेहतर बनाना जरुरी हैं।

निवेशक Quadrant हर व्यक्ति के लिए जरूरी है क्योंकि निवेश के बिना हम पैसे से पैसा बनाने का विज्ञान नहीं सीख सकते और ना ही आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकते हैं। इसलिए लेखक वित्तीय ज्ञान को इतना महत्व देते है।

निष्कर्ष

Rich Dad's Cashflow Quadrant बुक समरी में हमने चार quadrant के बारे में जाना जो इस प्रकार है;

  1. कर्मचारी Quadrant जिसमें नौकरी करने वाले लोग आते हैं, ये लोग नौकरी छूट जाने के भय से काम करते हैं।
  2. स्वरोजगार Quadrant में वे लोग शामिल है, जो खुद का काम करते हैं। और वे जितना काम करते हैं, उतना ही कमाते हैं।
  3. बिजनेस Quadrant में बिजनेस मालिक होते हैं जो एक टीम बनाकर अपने आइडिया पर काम करते हैं।
  4. निवेशक Quadrant में निवेशक होते हैं जो पैसे से पैसे बनाने का विज्ञान जानते हैं।

END

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