How I Made $2,000,000 In The Stock Market बुक समरी में हम अनुशासन और भावनात्मक नियंत्रण, दर्वास बॉक्स थ्योरी, प्राइस और वॉल्यूम का उपयोग, प्रॉफिट और लॉस मैनेजमेंट और लगातार सीखने के बारे में जानेंगे।
लेखक Nicholas Darvas द्वारा लिखित How I Made $ 2,000,000 In The Stock Market बुक में, लेखक अपनी स्टॉक मार्केट यात्रा के बारे में बताते है। इस बुक में लेखक ने अपने dancing करियर के साथ-साथ, स्टॉक मार्किट में सफलता की सीख देने वाली यात्रा के बारे में बताया है। साथ ही वे बताते है कि कैसे उन्हें स्टॉक मार्केट के बारे में पता चला और कैसे उन्होंने स्टॉक मार्केट में असफलता के बाद सफलता हासिल की।
असफलता और सफलता हमारे काम करने और सोचने के तरीके से मिलती हैं। कहते है जो व्यक्ति दिल से किसी काम में सफलता हासिल करता है तो सफलता का रास्ता, उसे वह ज्ञान देता है जिसे वह फॉलो करके बाकि कामों में भी सफल हो सकें।
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How I Made $2,000,000 In The Stock Market Book Summary Hindi |
अनुशासन और भावनात्मक नियंत्रण
हम प्रॉफिट सिस्टम से बनाते है और भावनाओं में बहकर गवाते हैं।
लेखक को जब जाने-अनजाने में अपने शेयर्स से प्रॉफिट हुआ तब वे सोचने लगे कि मैं इतनी मेहनत करता हु, तब जाकर कुछ पैसा कमाता हु। लेकिन स्टॉक मार्केट में शेयर्स खरीद कर, होल्ड करने से ही पैसा बनता हैं। इससे अधिक और क्या चाहिए लोगों को पैसे बनाने के लिए।
यह उनकी भावनायें बोल रही थी, क्योंकि स्टॉक मार्केट खरीदो और बेचो से कहि अधिक है। इसलिए लेखक हमें स्टॉक मार्केट में अनुशासन रखने और अपनी भावनाओं को मैनेज करने पर जोर देते हैं।
ट्रेडिंग करते समय होने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव जैसे यह स्टॉक कल अच्छा performed किया था इसलिए इसे खरीद लेता हु, यहां पर एंट्री करने से स्टॉप लॉस छोटा होगा, सिस्टम लेट एंट्री देता हैं, को मैनेज करना जरुरी है।
भावनात्मक निर्णय को मैनेज करने के लिए हमें अनुशासन और एक सिस्टम की आवश्यकता होती है। अनुशासन हमें अपने रूल्स फॉलो करने पर जोर देता है। और एक सिस्टम रूल्स का combination होता है जिसके अनुसार हम ट्रेडिंग में ट्रेड को मैनेज करते हैं।
दर्वास बॉक्स थ्योरी
कभी भी सिस्टम हमें पैसे बनाकर नहीं देता है बल्कि हमारा उस सिस्टम के प्रति सोचने का तरीका और विश्वास हमें पैसे बनाकर देता है।
दर्वास बॉक्स थ्योरी उपयोग करने से पहले यह याद रखे, कि तब के मार्केट और आज के मार्केट में काफी अंतर है इसलिए पहले इस स्ट्रेटेजी को बैकटेस्ट करे, और यदि रिजल्ट अच्छे आते है, तो हि हमें सिस्टम पर अपनी मेहनत की कमाई लगानी है।
लेखक ने अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी हमारे साथ शेयर की है जिसे आज दर्वास बॉक्स थ्योरी के नाम से जाना जाता है। इस स्ट्रेटेजी के अनुसार मार्केट एक बॉक्स में मूव करता है। जब अपने बॉक्स को तोड़ता है तो अच्छी रैली देखने को मिलती है।
दर्वास बॉक्स थ्योरी का उपयोग करने से पहले हमें वॉल्यूम, हाई और लौ जानना जरुरी हैं। क्योंकि यह एक ब्रेकआउट स्ट्रेटेजी है, जिसमें सही और गलत ब्रेकआउट की पहचान करने के लिए सिस्टम के रूल्स जानना जरुरी है।
इस स्ट्रेटेजी को ट्रेड करने के लिए हमें किसी भी टाइम फ्रेम पर, हाई और लौ को जोड़ते हुए, एक बॉक्स बनाना होता है। जब तक स्टॉक उस बॉक्स में है तब ट्रेड नहीं करना है, और जब मार्केट बॉक्स से बाहार आता है यह हमारा ट्रेड लेने का समय होता हैं।
प्राइस और वॉल्यूम का उपयोग
लेखक हमें प्राइस और वॉल्यूम पर अधिक ध्यान देने पर जोर देते है। लेखक की रिसर्च बताती है कि हमें स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए liquidity की आवश्यकता होती है। यह कुछ स्टॉक में कम होती है और कुछ में ज्यादा।
जब हम कम वॉल्यूम वाले स्टॉक में ट्रेड करते है, तो यह संभव है कि हम जब बेचना और खरीदना चाहते है, तब buyer और seller न हो। इसलिए लेखक listed स्टॉक में ही ट्रेड करने की सलाह देते हैं। क्योंकि listed स्टॉक में हमेशा buyer और seller मौजूद होते हैं।
ट्रेडिंग करने के लिए प्राइस मायने रखती है क्योंकि ट्रेडिंग एक शॉर्ट टर्म गेम है। इसलिए लेखक प्राइस चार्ट के साथ फंडामेंटल का उपयोग करने पर जोर देते हैं। और प्राइस हमारी भावनाओं से बेहतर ट्रेडिंग signal देती है, जिसे फॉलो करने से हम मार्केट में अधिकतर समय पैसा बनाते है।
प्रॉफिट और लॉस मैनेजमेंट
ट्रेडिंग में बिग लॉस को छोड़ना और प्रॉफिट को चलने देने से ही पैसा बनता है।
लेखक का मानना है कि ट्रेडिंग से पैसा बनाने के लिए हमें प्रॉफिट को चलने देना और लॉस को कम करना जरुरी है। लेकिन इसके लिए हमें अपने सिस्टम को सही से बैकटेस्ट करना होगा, ताकि हम यह जान सके कि हमारे टारगेट लेने के बाद भी मार्केट कितना चलता है।
टारगेट मिलने के बाद, हमें अपने ट्रेड की 75% ट्रेडिंग पोजीशन बुक कर लेनी है ताकि हमारा आया हुआ प्रॉफिट चला न जाये। और ट्रेलिंग स्टॉप लॉस के साथ, मार्केट में 25% पोजीशन के साथ बने रहना है जब तक कि reversal के signal न दिखने लगें।
किसी ट्रेड को लेने से हमारे सामने पांच रिजल्ट आएंगे, जो इस प्रकार है; स्मॉल प्रॉफिट, बिग प्रॉफिट, ब्रेकेवन, स्मॉल लॉस और बिग लॉस।
स्मॉल लॉस की भरपाई स्मॉल प्रॉफिट कर सकता है, ब्रेकेवन पर चार्ज चुकाने होते है जो हम बिग प्रॉफिट से कवर करने के बाद भी काफी पैसा बचा सकते हैं।
लगातार सीखना
लेखक बताते है कि ट्रेडिंग में, हमें बाकि प्रोफेशन की तरह, इसमें भी कुछ साल सिखने को देने पड़ते है ताकि हम ट्रेडिंग स्किल सीख सकें। हम गलती यह करते है कि बिना सीखे ही मार्केट से पैसा बनाने की कोशिश करते हैं।
ट्रेडिंग ज्ञान के बिना हम कुछ समय तक मार्केट से पैसा बना सकते है लेकिन लंबे समय तक मार्केट में टिके नहीं रह सकते हैं। इसलिए अंत में जो लोग मार्केट से पैसा बनाते है, वे मार्केट का पैसा लौटाने के बाद, मार्केट से बहार कर दिये जाते हैं।
ट्रेडिंग करना आसान भी है और मुश्किल भी। अगर हम सीखने के लिए तैयार है, और अपनी ट्रेडिंग पढ़ाई पूरी करते है तो हम अंत में मार्केट से पैसा बनाएंगे ही। और अगर सीखने से और बुक पढ़ने से कोई नाता नही रखते, तो हमें मार्केट में अपनी मेहनत की कमाई लगाने से दुरी बना लेनी है।
लेखक बताते है कि समय के साथ मार्केट बदलता रहता है इसलिए हमें खुद को up-to-date रखना होगा। इसके लिए हम ट्रेडिंग बुक पढ़ सकते है, अपनी साइकोलॉजी पर काम कर सकते है, अपने सिस्टम को बेहतर बना सकते है जिससे हम और अधिक पैसा बना सकें।
निष्कर्ष
How I Made $ 2,000,000 In The Stock Market बुक समरी से हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी, जो इस प्रकार है;
- ट्रेडिंग से पैसा बनाने के लिए अनुशासन और भावनात्मक नियंत्रण की आवश्यकता होती है।
- ट्रेडिंग में पैसा सिस्टम से बनता है ना की हमारी भावनाओं से।
- ट्रेडिंग करते समय प्राइस मायने रखती है ना कि हमारी भावनाएं।
- ट्रेडिंग सफलता के लिए लॉस को कम करना और प्रॉफिट को चलने देना जरूरी है।
- ट्रेडिंग सफलता के लिए हमें लगातार सीखते रहना होगा।