Common Stocks And Uncommon Profits बुक समरी में हम फिलिप इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी, स्कटलबट स्ट्रेटेजी, स्टॉक चयन में गुणात्मक कारक, स्टॉक चयन में मात्रात्मक कारक और केंद्रित निवेश के बारे में जानेंगे।
लेखक Philip Fisher द्वारा लिखित Common Stocks And Uncommon Profits बुक निवेश के बारे में एक व्यवहारिक सोच प्रदान करती है। यह बुक हमें common stock क्या है से लेकर उनसे प्रॉफिट बनाने तक हमें बहुत कुछ सिखाती है। इस बुक में हम कंपनी की सफलता की संभावनाओं को पहचानना, स्टॉक analysis करना, निवेश समय का इंतजार करना, और अवसरों का लाभ उठाने के बारे में जानेंगे।
लेखक का मानना है कि बेहतर स्टॉक चुनना अच्छी बात है, लेकिन अपनी गलतियों को स्वीकार करना भी हमें सीखना होगा। इस बुक समरी में हम बेहतर स्टॉक ढूढ़ने का ज्ञान हासिल करने का प्रयास करेंगे।
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Common Stocks And Uncommon Profits Book Summary Hindi |
फिलिप इन्वेस्टमेंट फिलॉसफी
लेखक हमें बताते है कि पहले के समय में व्यापार पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता था लेकिन आज ऐसा नहीं है। आज बिज़नेस उसी को मिलता है जिसमें अच्छे मैनेजमेंट के गुण हो, और कंपनी चलाने में सक्षम हो।
इस मानसिकता के कारण आज कंपनी की ग्रोथ की संभावना पहले से अधिक है क्योंकि इसमें निवेशक भी भाग लेते है। कहने का मतलब यह है कि अगर हम किसी कंपनी के शेयर्स खरीदते है तो हम भी उस कंपनी के एक हिस्सेदार बन जाते है, और प्रॉफिट और loss में बराबर के भागीदारी रखते है।
हम शेयर्स नहीं खरीदते, हम तो उस कंपनी की एक छोटी-सी भागीदारी या ओनरशिप खरीदते है।
लेखक हमें सलाह देते है कि जब हमारी analysis पूरी हो जाती है तब हम खुद-से यह प्रश्न करे, कि अगर हम उस कंपनी के मालिक होते तो क्या हम अपनी कंपनी में निवेश करते या नहीं। अगर हाँ तो क्यों और नहीं तो क्यों नहीं?
यह इसलिए भी जरुरी है कि हम अपनी मेहनत की कमाई से किसी कंपनी में निवेश करते है और यह लंबे समय की बात होती है नाकि एक दो साल की।
स्कटलबट स्ट्रेटेजी
Scuttlebutt स्ट्रेटेजी एक प्रकार से stock selection प्रश्नों की सूची है, जो हमें निवेश करने से पहले किसी कंपनी से पूछते है। इन सवालों के सभी या अधिकांश जवाब हमें नहीं मिलते है तो हमें दूसरी कंपनी ढूढ़ना शुरू करना ही बेहतर है।
यह प्रश्न कुछ इस प्रकार है;
- क्या कंपनी के पास पर्याप्त मार्केट क्षमता वाले प्रोडक्ट या सेवाएँ हैं जिससे कई वर्षों तक बिक्री में लगातार ग्रोथ होने की संभावना हो?
- क्या management बेहतर प्रोडक्ट या सर्विस दे सकती है जबकि उनके competitors उनसे बेहतर प्रोडक्ट देने की बात कर रहे हैं?
- कंपनी की साइज के संबंध में, कंपनी की रिसर्च और डेवलपमेंट कैसी हैं?
- क्या कंपनी के पास एवरेज से अधिक sales organization है?
- क्या कंपनी के पास उचित प्रॉफिट मार्जिन है?
- कंपनी, लाभ मार्जिन को बनाए रखने या सुधारने के लिए क्या कर रही है?
- क्या कंपनी के मजदूरो और ग्राहकों से संबंध अच्छे हैं?
- क्या कंपनी के कामकाजी संबंध अच्छे हैं?
- क्या कंपनी का मैनेजमेंट बेहतर है?
- कंपनी का cost analysis और accounting controls कितने अच्छे हैं?
- क्या बिज़नेस के और भी पहलु है जो निवेशकों को आकर्षित कर सकते है?
- कंपनी के पास प्रॉफिट के लिए क्या सोच है शार्ट टर्म या लॉन्ग टर्म?
- क्या कंपनी के भविष्य के विकास के लिए, इतनी अधिक नई फंडिंग की आवश्यकता होगी कि यह मौजूदा शेयरधारकों के लिए लाभ को कम कर दे?
- जब चीजें अच्छी चल रही हों तो क्या management निवेशकों से अपने मामलों के बारे में खुलकर बात करता है, लेकिन परेशानी और निराशा होने पर चुप हो जाता है?
- क्या कंपनी का management निर्विवाद है?
स्टॉक चयन में फंडामेंटल कारक
लेखक हमें किसी कंपनी में निवेश करने से पहले उस कंपनी के बारे में जानने पर जोर देते है क्योंकि हम कंपनी में अपनी हिसेदारी बना रहे है। इसिलए हमें कंपनी के मैनेजमेंट से लेकर, काम करने के तरीके तक जानना आवश्यक हैं।
यहां हम कंपनी के चार qualitative factors के बारे में जानेंगे, जो हमें निवेश करने से पहले पता करना जरूरी है। अगर इसमें से एक भी factors में कुछ भी कमी दिखती है तो हमें उस कंपनी को छोड़ देना चाहिए।
- Strong Management; हमें उन कंपनीयों की तलाश करनी होगी जिनके ओनर कंपनी चलाने में सक्षम हो, ईमानदार हो और शेयरधारक को अपनी कंपनी के सही आकड़े बताता हो।
- Product Differentiation; निवेश करते समय हमें competitive advantage का ध्यान देना होगा, क्योंकि इसमें वे प्रोडक्ट शामिल है जिसका कंपनी के पास license होता है, और कोई दूसरी कंपनी उन्हें बना नहीं सकती है।
- Market Sector; इस बात पर ध्यान दे कि कंपनी के प्रोडक्ट की डिमांड कैसी है क्या यह डिमांड कम समय के लिए है या अधिक समय के लिए। जिससे हम कंपनी की ग्रोथ का कारण पता लगा सकें।
- Research and Development; हमें उन कंपनियों को अधिक महत्व देना होगा जो जरूरतों के अनुसार अपने प्रोडक्ट में बदलाव करती रहे, ताकि अपने competitors से बेहतर, ग्राहकों को सेवा दे सकें।
स्टॉक चयन में प्राइस कारक
लेखक बताते है कि केवल फंडामेंटल कारक अच्छे होने से हमें किसी कंपनी में निवेश नहीं करना है। क्योंकि हो सकता है कि वह कंपनी पहले ही बेहतर perform कर चुकी हो और अब उसकी ग्रोथ धीरे हो रही हो।
हर कंपनी में निवेश करने का एक समय होता है अगर वह समय निकल गया तो हमें दूसरी कंपनी ढूढ़नी होगी या मंदी के समय का इंतजार करना होगा।
लेखक हमें प्राइस कारकों पर भी ध्यान देने पर जोर देते है।, और यह कारक किसी कंपनी में निवेश करने से पहले जानना जरुरी है नहीं तो हम अपना पैसा खो भी सकते है।
- Earnings Growth: किसी कंपनी की earning लगातार बढ़ रही हो और यह भी ध्यान दे कि ऐसा किस लिए हो रहा है, क्या कंपनी अपने प्रोडक्ट बेच रही है या assest?
- Profit Margins; हमें उन कंपनी पर फोकस रखना होगा जिनका प्रॉफिट मार्जिन, रेवेन्यू के साथ increase हो रहा हो।
- Return on Investment; हमें ऐसी कंपनी में निवेश करना होगा जिसकी high ROIC हो, क्योंकि यह बताती है कि निवेश किये गये पैसे का, मुनाफा कमाने के लिए कंपनी बेहतर उपयोग कर रही है।
केंद्रित निवेश
निवेश करना एक प्रकार का ज्ञान है जिसमें कोई महारत हासिल नहीं कर सकता है, इसलिए यह कहा जाता है कि स्टॉक मार्किट में जो जितना सीखता है वह उतना ही पैसा बनाता है। इसलिए हमें अपनी एनालिसिस में होने वाली गलतियों को स्वीकार करना और उन्हें बेहतर करना सीखना होगा।
इस बुक में वे नियम बताये गए है जो बहुत कम स्टॉक, ही पूरा कर पाते है इसलिए diversification की आवश्यकता नहीं होती है। लेखक का मानना है कि diversification हमारे प्रॉफिट को कम कर देता है और एक लंबे समय वाले निवेश को इसकी जरूरत भी नहीं होती है।
पैसा चुनिंदा स्टॉक से बनता है नाकि हर स्टॉक से। लेकिन हर स्टॉक में ही वह चुनिंदा स्टॉक छुपा होता है जिसे हमें ढूढ़ना है।
बेहतर स्टॉक हमें हर दिन नहीं तलाशने है क्योंकि निवेश करने लायक स्टॉक हमें अधिकतर मंदी के समय ही मिलते है। और कभी-कभी परिस्थितियों के कारण कंपनी कम समय में लॉस दिखा रही हो, लेकिन उसकी बेहतर करने की संभावना अधिक है, ऐसे मौके कम मिलते है और ये भी निवेश का बेहतर अवसर होता है।
निष्कर्ष
Common Stocks And Uncommon Profits बुक समरी में पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी जो इस प्रकार है;
- लंबे समय तक निवेश में टिके रहने के लिए हमें बेहतर स्टॉक पर ध्यान देना होगा।
- हमने 15 प्रश्नों की सूची देखी जो हमें बेहतर निवेश की ओर ले जा सकती है।
- कंपनी के मैनेजमेंट के साथ हमें प्रोडक्ट और मार्केट फैक्टर पर भी ध्यान देना होगा।
- फंडामेंटल एनालिसिस के साथ हमें डाटा को भी देखना जरूरी है।
- लंबे समय तक टिकने के लिए हमें डायवर्सिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती है।