High Probability Trading बुक, समरी में हम ट्रेडिंग की मूल बातें, न्यूज़ का उपयोग करना, टेक्निकल एनालिसिस को जानना, ट्रेडिंग प्लान के साथ ट्रेडिंग करना और आत्म-संयम विकसित करना सीखेंगे।
लेखक Marcel Link द्वारा लिखित High Probability Trading बुक, हमें उन सिस्टम और योजनाओं के बारे में विस्तार से बताती है, जिससे हम ट्रेडिंग से लगातार पैसा बना सकते हैं। यह किताब उन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं, जो लोग अपनी ट्रेडिंग की संभावनाओं को अधिक बढ़ाने की इच्छा रखते हैं, और यह जानने की इच्छा रखते हैं कि ट्रेडिंग सफलता के लिए क्या जरुरी है।
इस बुक में हम अफवाहों पर खरीदो और फैक्ट पर बेच दो, अपने ट्रेड की जिम्मेदारी लेना, एक बिज़नेस मैन की तरह ट्रेड करना जैसे महत्वपूर्ण बातों को जानेंगे जो हमारी ट्रेडिंग सफलता की संभावना बढ़ा देते है।
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High Probability Trading Book Summary Hindi |
ट्रेडिंग की मूल बातें
लर्निंग पीरियड; ट्रेडिंग एक बिज़नेस हैं, जो दुसरे बिज़नेस की तरह इसमें भी काम करना पड़ता है। इसलिए अगर हम ट्रेडिंग में नये है तो हमें 1 से 2 साल ट्रेडिंग स्किल सीखने पर ध्यान देना होगा न की पैसा बनाने पर।
इसलिए शुरू के दो से तीन साल ट्रेडिंग में Learning Years के नाम से जाने जाते है। इन सालों में हम यह जान जाते है हमारी मानसिकता ट्रेडिंग के लिए है या हमें विकसित करनी पड़ेगी।
रीयलिस्टिक गोल सेट करना; अधिकतर लोग ट्रेडिंग में इसलिए असफल होते है क्योंकि उनकी उमीदें अनरियलिस्टिक होती है। वे हमेशा प्रॉफिट का पीछा करते है, और लॉस पर ध्यान नहीं देते, जिसके कारण वे लर्निंग पीरियड को भूल जाते है और ट्रेडिंग सफलता उन्हें।
लेखक हमें सुझाव देते कि हम इन रूल को फॉलो करके खुद को रीयलिस्टिक रख सकते है;
- प्रॉपर ट्रेडिंग कैपिटल के साथ ट्रेडिंग करना।
- प्रत्येक ट्रेड का प्रॉफिट और लॉस गोल सेट करना।
- ट्रेडिंग को एक बिज़नेस के रूप में लेना।
- अपनी गलतियों पर काम करना।
ट्रेडिंग टूल; हम अधिकतर समय प्रोफेशनल लोगों के साथ ट्रेडिंग कर रहे होते हैं। जिनका मार्किट अनुभव, ट्रेडिंग जानकारी, चार्ट रीड करने की क्षमता, और ट्रेडिंग कैपिटल एक न्यू ट्रेडर से अधिक होती है। जिसके कारण वे मार्किट से लगातार पैसा बनाते है।
ट्रेडिंग में सफलता के लिए कुछ टूल इस प्रकार है;
- टेक्निकल एनालिसिस का ज्ञान।
- रिस्क मैनेजमेंट।
- ट्रेडिंग प्लान।
- बिज़नेस प्लान।
- बेस्ट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, जो हमसे कम ब्रोकरेज लेता हो।
न्यूज़ का उपयोग करना
हम किसी चीज को जानते हैं तो हम पहले व्यक्ति नहीं है हमसे पहले भी किसी ने वह जान लिया है। स्टॉक मार्केट में हर एक ट्रेंड छोटी-छोटी न्यूज़ के बेसिस पर ही चलते हैं। लेकिन न्यूज़ आने से पहले बड़े-बड़े ट्रेडिंग institutes पहले ही उस पर एक्शन ले चुके होते हैं। इसलिए न्यूज़ के साथ हमें चार्ट पर भी ध्यान देना है।
अफवाहों पर खरीदो और फैक्ट पर बेच दो।
लेखक हमें यह बताते हैं कि न्यूज़ के साथ ट्रेडिंग करना गलत नहीं है, गलत तो यह है कि हम गलत ट्रेड के साथ चिपके रहते हैं। जो हमारे अनुसार काम न करने पर भी उस ट्रेड को छोड़ते नहीं है।
कोई भी न्यूज़ जो अच्छी हो या बुरी, मार्केट के बिहेवियर पर निर्भर करती है कि वह न्यूज़ अच्छी है तो मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे। या बुरी है तो मार्केट नीचे जाएगा या ऊपर।
टेक्निकल एनालिसिस
मल्टीपल टाइम फ्रेम: किसी स्टॉक, इंडेक्स, और कमोडिटी में मल्टीपल टाइम फ्रेम के कई लाभ होते हैं जैसे
- हम प्रॉफिटेबल ट्रेड को लंबे समय तक होल्ड कर सकते है।
- यह ओवर ट्रेडिंग से बचाता है।
- यह हमें एक बड़ी पिक्चर दिखाता है।
- हम अलग-अलग टाइम फ्रेम पर मार्केट के बिहेवियर को बेहतर ढंग से देख सकते हैं, और सीख सकते हैं।
Oscillator और ट्रेंड के साथ ट्रेडिंग: ट्रेडिंग करने के लिए ट्रेंड महत्वपूर्ण है और ट्रेंड के कन्फर्मेशन के लिए अनेक प्रकार के टूल इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें से एक oscillator भी है। ट्रेंड पता करने के लिए हम ट्रेंड लाइन, चैनल, मूविंग एवरेज, ADX और Retracement का इस्तेमाल करते हैं।
वही ट्रेंड के confirmation के लिए STOCHASTIC RSI, MACD मार्केट और Indicator में Diversion का प्रयोग किया जाता है।
हाई प्रोबेबिलिटी ट्रेडिंग की विशेषता: कोई भी ट्रेडर इन विशेषताओं को अपना कर हाय प्रोबेबिलिटी ट्रेडिंग सेटअप बना सकता है। विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं;
- प्रत्येक ट्रेड को कारण के साथ ट्रेड करना।
- ओवर ट्रेडिंग से बचना।
- बेहतर ट्रेडिंग अवसर का धैर्य के साथ इंतजार करना।
- अपने हर ट्रेड का रिस्क-टू-रिवॉर्ड रेश्यो जानना।
- पोजीशन साइज को मैनेज करना।
- मार्केट बिहेवियर को समझना।
प्लान के साथ ट्रेडिंग
ट्रेडिंग सिस्टम: ट्रेडर ट्रेडिंग सिस्टम के बिना, कहीं पर भी खरीदता और बेचता है। साथ ही वह अपनी गलतियों पर काम भी नहीं कर पाता है क्योंकि उसे पता ही नहीं चलता कि उसकी गलतियां क्या है?
ट्रेडिंग सिस्टम मार्केट में एंट्री का साधन ही नहीं है बल्कि यह हमें एक बेहतर स्टॉप लॉस और एग्जिट बताता है। साथ ही कुछ रूल्स और regulation भी देता है जिसे हम फॉलो करके ट्रेडिंग से लगातार पैसा बना सकते हैं।
ट्रेडिंग सिस्टम बैकटेस्टिंग: हर सिस्टम के लिए बैकटेस्टिंग महत्वपूर्ण है, चाहे हमने वह सिस्टम ख़रीदा हो या खुद से बनाया हो। लेखक हमें बताते है कि वे कौनसी कॉमन गलतियां है, जो एक ट्रेडर,सिस्टम बैकटेस्टिंग के समय करता है, जिससे वह अपने सिस्टम को सही से एनालिसिस नहीं कर पाता है। ये रही वे गलतियां;
- 3-4 महीनों का डाटा एनालिसिस पर्याप्त नहीं है।
- बैकटेस्टिंग के समय कमीशंस को छोड़ देना।
- लाइव मार्किट के कम-से-कम 30 सैंपल तक इंतजार न करना।
- अपने सिस्टम का रिस्क-टू-रिवॉर्ड रेश्यो न जानना।
मनी मैनेजमेंट प्लान: ट्रेडिंग में मनी मैनेजमेंट में कुछ गाइड लाइन शामिल होती है। जो हमारी ट्रेडिंग कैपिटल को बचाने में मदद करती है। लेखक मनी मैनेजमेंट प्लान को बनाने के कुछ आइडियाज हमारे सामने रखते है। जो इस प्रकार है;
- रिस्क कैपिटल तय करें।
- यह पता करे कि एक ट्रेड पर कितना रिस्क लेना है?
- यह पता करे कि सभी ओपन पोजीशन पर कितना रिस्क लेना है?
- यह पता करे कि हम अधिकतर कितने शेयर ट्रेड कर सकते है?
- पोजीशन साइज के अनुसार हमारा रिस्क क्या है?
आत्म-संयम
डिसिप्लिन का महत्व: वह डिसिप्लिन ही है जिसके कारण एक solid एंट्री और एग्जिट सिस्टम होने के बाद भी एक ट्रेडर स्टॉक मार्केट से पैसा नहीं बना सकता। लेखक हमें बताते है कि डिसिप्लिन होने से एक ट्रेडर क्या कर सकता है?
- सही समय का इंतजार कर सकता है।
- ओवर ट्रेडिंग से बच सकता है।
- अपने सिस्टम को फॉलो कर सकता है।
- मनी मैनेजमेंट और रिस्क मैनेजमेंट फॉलो कर सकता है।
ओवर ट्रेडिंग; ओवर ट्रेडिंग करने के लिए हमारा लॉस होना और उसे रिकवर करने की इच्छा होना चाहिए। एक और पॉइंट भी है जिसे over confidence कहते है, कुछ समय तक लगातार मार्केट से पैसा बनाना और इस भ्रम में पड़ जाना कि मेरा अब लॉस नहीं हो सकता।
लेखक हमें बताते है कि हम ओवर ट्रेडिंग को कुछ रूल्स फॉलो करके कम कर सकते हैं। जैसे
- डिसिप्लिन को फॉलो करना।
- लॉस को स्वीकार करना।
- अपने सिस्टम को फॉलो करना।
- अधिक लॉस होने पर ट्रेडिंग से ब्रेक लेना।
अपने आप पर काम करना; हम सभी जानते है कि ट्रेडिंग करना, टेक्निकल एनालिसिस और भी जीचों के ऊपर कम और हमारे सोचने और एक्ट करने के तरीके पर ज्यादा निर्भर करती है। इसलिए ट्रेडिंग में ट्रेड करने के लिये एक बेहतर माइंड सेट होना बेहद जरुरी हैं।
इसलिए लेखक हमें कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह देते है। जैसे
- लालच से बच कर रहे।
- over confidence को अपने ऊपर हावी ना होने दे।
- डर जैसे सही-गलत का डर, ट्रेड छूट जाने का डर, इन सभी पर काबू रखिये।
निष्कर्ष
High Probability Trading बुक समरी से हमने पांच महत्वपूर्ण बातें सीखी, जो इस प्रकार है;
- ट्रेडिंग का लर्निंग साल महत्वपूर्ण है यही हमारी ट्रेडिंग मानसिकता विकसित करने में मदद करता है।
- न्यूज़ के साथ ट्रेडिंग करना गलत नहीं है लेकिन गलत ट्रेड में चिपके रहना, यह गलत है।
- प्रोफेशनल लोगों के साथ ट्रेडिंग करने के लिए, हमें भी अपने ट्रेडिंग ज्ञान को बढ़ाना होगा।
- एक सिस्टम के होने से हम बेहतर एंट्री और एग्जिट कर सकते हैं।
- आत्म संयम के बिना हम ट्रेडिंग नहीं सीख सकते।