The Psychology Of Money Book Summary Hindi

लेखक मॉर्गेन हाउसेल जिस तरह अपने ज्ञान को साझा करते है ऐसा लगता ही नहीं कि वे हमें फाइनेंशियल ज्ञान दे रहे है। ऐसा लगता है जैसे वे हमारे सामने बैठकर हमें सही-गलत नहीं बल्कि तथ्यों को जानने में मदद कर रहे है।

लेखक Morgan Housel द्वारा लिखित The Psychology of Money बुक हमें पैसे के साथ हमारे रिश्तों को बताती हैं। लेखक ने इस विचार को अच्छे से उजागर किया है कि फाइनेंशियल स्वतंत्रता का, Mathematical जानकारी से कोई लेना देना नहीं है। हम जिन भावनाओं, धैर्य और मौको को नजरअंदाज करते हैं वे ही फाइनेंशियल आजादी में सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।


यह बुक हमें बहुत सी महत्वपूर्ण बातों की ओर ले जाती है जो इस प्रकार है।

  1. हम पैसे के प्रति मुर्ख नहीं, नौसिखिये है।
  2. भाग्य और जोखिम के कारण हमें 100% प्रयासों के 100% परिणाम नहीं मिलते है।
  3. सामाजिक तुलना की छत इतनी ऊंची है कि इसे कोई नहीं छू सकता इसलिए हमें अपने अंदर पर्याप्त विकसिक करना होगा।
  4. कंपाउंडिंग छोटे प्रयासों से बड़ी सफलता हासिल करने का एक तरीका है।
  5. पैसे बनाना और उसे बनाए रखना दोनों अलग-अलग बातें हैं।
  6. हम आधे समय गलत हो सकते है फिर भी हम धन-समृद्वि प्राप्त कर सकते है।
  7. संपत्ति से मिलने वाला सबसे बड़ा लाभांश समय है।
  8. महंगी चीजें खरीदकर हम दूसरों का सम्मान नहीं पाते बल्कि ऐसा महसूस करते हैं कि हम उनसे सम्मान पा रहे हैं।
  9. चीजें खरीद कर दिखाना कि हमारे पास पैसा है, यह पैसे कम करने का सबसे आसान तरीका है।
  10. धनवान होना, पैसे कमाने पर कम और अपनी बचत दर पर अधिक निर्भर करता है।
  11. उचित निर्णय पर हम लंबे समय तक टिक सकते हैं और तर्कशील निर्णय गलत होने पर सारा दोष तर्क पर डाल देते है।
  12. भविष्य की भविष्यवाणी करने के बजाय, हम यह स्वीकार करें कि घटने वाली परिस्थितियां अप्रत्याशित है।
  13. दिन के किसी समय हम कुछ मूर्खतापूर्ण निर्णय लेते है इसलिए जरुरी है कि हम अपनी गलतियों के लिए जगह बनाये।
  14. समय के साथ हमारी भावनाएं और कामनाएं बदलती जाती है।
  15. हर चीज की एक कीमत होती है पर हर कीमत दिखाई नहीं देती है।
  16. सलाह लेते समय यह ध्यान दे कि हम किस खेल में है और सामने वाला किस खेल से सलाह दे रहा है।
  17. निराशावाद मदद करने जैसा लगता है और आशावाद कुछ बेचने जैसा।
  18. दोहराव के द्वारा, हम कुछ भी सच मान लेते है।

कोई भी मुर्ख नहीं है

आप धन दौलत के बारे में कुछ ऐसा जानते हैं जो मैं नहीं जानता और इसका विपरीत भी उतना ही सच है। जिन धारणाओं, उद्देश्यों, पूर्वानुमानों के साथ आप अपना जीवन जीते हैं वह मुझसे अलग हो सकते हैं।

ऐसा इसलिए नहीं है कि हम एक दूसरे से अधिक होशियार है या अधिक जानकारी रखते है। ऐसा इसीलिए है कि हमारे जीवन अलग-अलग अनुभवों से रचा हुआ हैं।

हम सब पैसे के साथ कुछ मूर्खतापूर्ण कारनामे करते हैं क्योंकि हम सब इस खेल में काफी नए हैं। और जो आपको मूर्खतापूर्ण लगे वह मेरे लिए मायने रख सकता है लेकिन मूर्ख कोई भी नहीं है। हम सब अपने अनुभव के आधार पर निर्णय लेते हैं जो उस क्षण हमारे लिए मायने रखते हैं।


भाग्य और जोखिम

भाग्य और जोखिम दोनों इस वास्तविकता का परिणाम है कि जीवन में हर नतीजा व्यक्तिगत प्रयास के परे अन्य शक्तियों पर भी निर्भर करता है। वे दोनों इतने सामान्य है कि हम एक को सम्मान दिए बिना दूसरे में विश्वास नहीं रख सकते हैं।

यह दोनों इसलिए अस्तित्व रखते हैं क्योंकि संसार इतना जटिल है कि हमें 100% प्रयासों के 100% नतीजे नहीं मिल सकते।

हम सफलता और असफलताओं की समीक्षा कर यह पाठ सीखने का प्रयास कर रहे हैं कि वही करो जो उसने किया, जो उसने किया उससे बचो।

असफलता का सामना करने की एक तरकीब यह है कि हम अपने वित्तीय जीवन को इस तरह मैनेज करें कि एक बुरा निवेश या एक बुरी परिस्थिति हमें पूरी तरह बर्बाद न कर दें। और हम फिर से भाग्य को अपने पक्ष में होने तक आगे बढ़ते रहे।


पर्याप्त

जो हमारे पास है और जरूरी है। उसे, किसी ऐसी चीज के लिए दाव पर लगाने का कोई मतलब नहीं जो हमारे पास नहीं है और जिसकी हमें जरूरत नहीं है।

मुद्दा यह है कि सामाजिक तुलना की छत इतनी ऊंची है कि कोई इसे छु नहीं सकता। जिसका मतलब यह है कि यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे कभी जीता नहीं जा सकता या फिर जीतने का एकमात्र तरीका यह है कि कभी इससे लड़ा ही ना जाए।

लास वेगास के कसीनो में जीतने का सिर्फ एक ही तरीका है वह यह कि जैसे ही आप अंदर जाए, वैसे ही वापस बाहर निकल आए।


कंपाउंडिंग का रहस्य

वॉरेन बफेट की 84.5 बिलियन डॉलर की कुल संपत्ति में से 81.5 बिलियन डॉलर उनके 65वें जन्मदिन के बाद आए। हमारा दिमाग ऐसी अनिश्चितताओं को संभालने के लिए नहीं बना है।

कंपाउंडिंग के सामर्थ को अक्सर हम अनदेखा कर देते हैं और अन्य माध्यमों द्वारा समस्या को सुलझाने में लग जाते हैं। इसलिए नहीं कि हम हद से ज्यादा सोच रहे होते हैं बल्कि इसलिए कि हम शायद ही कभी कंपाउंडिंग के सामर्थ के बारे में सोचने के लिए रुकते हैं।

अच्छी निवेश का मतलब बड़ा प्रॉफिट कमाने से नहीं है क्योंकि बड़े प्रॉफिट एकबार ही मिलते हैं जो दोहराएं नहीं जा सकते हैं। इसका मतलब अच्छे प्रॉफिट कमाने से हैं जिन्हें हम बरकरार रख सकें और जो एक लंबे समय तक दोहराये जा सके। तभी कंपाउंडिंग अपना असर दिखाता है।


धनवान बनना बनाम धनवान बने रहना

संपत्ति प्राप्त करना एक बात है। और इसे बनाये रखना दूसरी।

धन प्राप्त करने के लिए जोखिम उठाना, आशावादी होना और साहस से आगे बढ़ना आवश्यक है।

धन बनाए रखने के लिए जोखिम उठाने का विपरीत आवश्यक है। इसके लिए विनम्रता और इस डर की आवश्यकता है कि जो हमें मिला है वह उतनी ही जल्दी हमसे छीन भी सकता है।


सफलता का प्रतिशत

एक ऐसी बात जो हमें निवेशकों और उद्योगपतियों से सीखनी होगी, वह यह है कि कोई भी हमेशा अच्छे निर्णय नहीं लेता। सबसे प्रभावशाली व्यक्ति ऐसे खराब योजनाओं से भरे होते हैं जिन पर वे अमल भी कर बैठते हैं ।

एक निवेशक आधा समय गलत हो और फिर भी समृद्धि प्राप्त कर सकता है। इसका मतलब यह है कि हम इस बात को कम आंकते हैं कि अनेकों चीजों का असफल होना कितनी आम बात है।

जब हम किसी प्रेरणा स्रोत व्यक्ति की सफलताओं पर खास ध्यान देते हैं तो हम यह नजर अंदाज कर देते हैं कि उनकी सफलताएं उनके कार्यों के एक छोटे प्रतिशत के कारण है।

इस कारण हम अपनी खुद की असफलताओं हानियां और गलतियों के चलते ऐसा अनुभव करने लगते हैं कि हम कुछ गलत कर रहे हैं। हमें यह नहीं भूलना है कि जब वे सही थे तो अधिक सही रहे हो और यह भी संभव है कि वे उतने ही बार गलत भी रहे हो जितना की आप।


संपत्ति का लाभांश

हम क्या करना चाहते हैं कब और किसके साथ और कितने समय तक ऐसा कर पाने की क्षमता अमूल्य है। यह सबसे बड़ा लाभांश है जो संपत्ति से मिलता है।

संपत्ति की एक छोटी राशि का मतलब, उन कुछ दिनों के लिए काम से छुट्टी लेने की क्षमता जब हम बीमार हो बिना अपना बैंक खाली किये।

थोड़ी और राशि का मतलब है, नौकरी गवा देने के बाद एक अच्छी नौकरी हाथ लगने की प्रतीक्षा करना, बजाय इसके कि सामने आने वाली पहली नौकरी लेनी ही पड़े। यह जिंदगी बदल सकता है।

छह महीने का आपाती खर्च का मतलब है, अपने बॉस से डर कर न रहना क्योंकि हम जानते हैं अगर हमें कुछ समय लेकर नई नौकरी ढूंढनी पड़े तो भी हम बर्बाद नहीं होंगे।

इससे अधिक संपत्ति का मतलब है कम वेतन और कम समय वाली नौकरी चुनने की क्षमता। शायद जिसमें ऑफिस आने-जाने में कम समय लगता है।


कार में बैठे आदमी का विरोधाभास

हम सभी संपत्ति की चाह रखते हैं जिससे हम औरों को जता सके कि हमें पसंद किया जाए और हमारी प्रशंसा की जाए।

वास्तविकता में, वे लोग हमारी प्रशंसा करने से चूक जाते हैं। इसलिए नहीं कि वे संपत्ति को प्रशंसा के योग्य नहीं समझते बल्कि इसलिए वे हमारी संपत्ति को खुद अपनी प्रशंसा के मानदंड के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

हम अक्सर दूसरों का सम्मान और प्रशंसा पाने की कामना रखते हैं और पैसों से बढ़िया सामान खरीद कर जितना हम उम्मीद करते हैं हमें उतना सम्मान और प्रशंसा नहीं मिलती।

यदि हम दूसरों का सम्मान और प्रशंसा अर्जित करना चाहते है तो विनम्रता, दया और संवेदना से हमें अधिक मिल सकती है नाकि दिखावे से।


संपत्ति दिखती नहीं

अधिकतर लोगों के लिए एक समस्या यह है कि अमीर आदर्श व्यक्ति ढूंढना आसान है। समृद्ध आदर्श ढूंढना कठिन है क्योंकि परिभाषा के अनुसार उनकी सफलता छिपी रहती है।

अधिकतर लोग जब यह कहते हैं कि वह करोड़पति बनना चाहते हैं असल में उनके कहने का मतलब यह होता है कि मैं एक करोड़ डालर खर्च करना चाहता हूं। और यह करोड़पति होने का ठीक विपरीत है।

अमीर महसूस करने का इससे आसान तरीका नहीं कि बढ़िया चीजों पर बहुत सा पैसा खर्च किया जाए। और अमीर बनने का तरीका यह है कि हम वह पैसा खर्च करें जो हमारे पास है ना कि वह पैसा जो हमारे पास है ही नहीं। बस यह इतना ही सरल है।


धन-संपत्ति की बचत करना

यह विचार सरल और जो आसानी से अनदेखा किया जाता है वह यह है कि संपत्ति निर्मित करने का संबंध हमारी इनकम या निवेश प्रॉफिट से कम और हमारी बचत दर से अधिक होता है।

दिखावे के एक स्तर से आगे बढ़कर खर्च करना, हमारी आय की ओर पहुंचते हमारे अहंकार को दिखाता है। और बचत को बढ़ाने का सबसे शक्तिशाली उपाय इनकम बढ़ाना नहीं है। बल्कि अपनी विनम्रता को बढ़ाना है।

वे लोग जिनकी व्यक्तिगत फाइनेंशियल सफलता स्थायी होती है जरूरी नहीं कि उनकी इनकम अधिक हो। उनकी प्रवृत्ति कुछ ऐसी होती है कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।


उचित और तर्कशील

वित्तीय निर्णय लेते समय रूखेपन से तर्कशील होने का उद्देश्य न रखें। सिर्फ पर्याप्त रूप से उचित होने का प्रयास करें। उचित या ठीक अधिक वास्तविक है और इसका हम लम्बे समय तक अनुसरण कर सकते हैं जो संपत्ति बनाने में एक महत्वपूर्ण कारक है।

एक तर्कशील निवेशक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेता है। वहीं एक उचित निवेशक अपने निवेश निर्णय उन लोगों से घिरे हुए लेता है जिन्हें वह नाराज नहीं करना चाहता या जिनसे वह प्रशंसा पाना चाहता है।

जो निवेशक तर्क के अनुसार निर्णय लेते है उनकी कार्य नीतियों की बदलने की संभावना अधिक होती है। और वही उचित निवेशक अपनी नीतियों से लगाव रखते हैं उनकी अपनी योजनाओं पर टिके रहने की संभावना अधिक होती है।


अप्रत्याशित भविष्य

इतिहास, हमें हमारी अपेक्षाओं को जांचने और लोग कहां गलती करते हैं यह सीखने में मदद करता है। साथ ही इतिहास हमें एक रोड मैप प्रदान करता है यह समझने के लिए कि क्या सही काम करता है। और किसी भी तरह से यह भविष्य नहीं बताता है।

जो लोग मानते हैं कि अतीत की सबसे खराब और सर्वश्रेष्ठ घटनाएं भविष्य की सबसे खराब और सर्वश्रेष्ठ घटनाओं से मेल खाएगी। वे इतिहास से सिखने का प्रयास नहीं कर रहे है बल्कि भविष्य में बदलती परिस्थितियों को अपने अनुसार आंकने का प्रयास कर रहे है।

यह एक आश्चर्य की बात हैं "जब हमसे कोई गलती होती है तो हम कहते हैं अब मैं ऐसी गलती नहीं करूंगा।" लेकिन वास्तव में, जब हम कोई गलती करते हैं क्योंकि हम किसी चीज का अनुमान नहीं लगा पाए, तो जो सीख हमें लेनी होगी वह यह है कि संसार के बारे में अनुमान लगाना कठिन है।


गलतियों के लिए जगह

हर योजना का सबसे महत्वपूर्ण भाग तब के लिए योजना बनाना है जब हमारी योजना काम ना करें।

हम हर तरह के जोखिम के लिए योजना बना सकते हैं शिवाय उसके जो इतना मूर्खतापूर्ण लगे कि कभी हमारे दिमाग से होकर गुजरे ही न।

गलतियों के लिए जगह रखने में बुद्धिमत्ता यह है कि अनिश्चितता, अनियमितता और संयोग, अज्ञात जीवन में शामिल महत्वपूर्ण कारक है।

इनका सामना करने का एकमात्र तरीका यह है कि हम जो सोचते हैं कि होगा और क्या होता है, उसके बीच के अंतर को बढ़ाना। ताकि परिस्तिथियों को झेलने के बाद भी हमारे अंदर लगातार कदम बढ़ाने की शक्ति बची रहे।


मानव स्वभाव का बदलना

दीर्घकालिक योजना जितनी प्रतीत होती है, उससे अधिक कठिन होती है क्योंकि समय के साथ हमारे लक्ष्य और कामनाएं बदल जाती हैं।

वॉरेन बफेट जैसे लोगों के सफल होने का एक कारण यह है कि वह एक ही काम को दशकों तक करते हैं जिससे कंपाउंडिंग अपना असर दिखाती है।

और हम में से बहुत से लोग, अपने जीवनकाल में इतना अधिक बदलते हैं कि हम एक ही काम को दशकों तक नहीं करना चाहते। इसलिए 80 साल के जीवन काल के बजाय हमारी संपत्ति के पास शायद 20 वर्ष के चार अलग-अलग खंड होते हैं।

यह कहना एक बात है कि हमें नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा। और यह स्वीकारना अलग बात है कि आज हम खुद नहीं जानते कि भविष्य में क्या चाहेंगे। केवल वे लोग ही अपनी कामनाओं और लक्ष्यों को मैनेज कर पाते है जो दीर्घकालिक सोच रखकर अपने कार्यों में दशकों तक टिके रहते है।


कुछ भी मुक्त नहीं होता

हर काम तब तक आसान नजर आता है जब तक हम उसे न कर रहे हो क्योंकि अखाड़े में खड़े व्यक्ति के संघर्ष भीड़ में खड़े लोगों के लिए अदृश्य होते हैं।

बहुत सी चीजे सिद्धांत की तुलना में प्रयोग में अधिक कठिन होती हैं। कई बार ऐसा इसलिए होता है कि हम अति विश्वासी हो जाते हैं। अधिकतर बार हम असफलता के मूल्य को सही तरह नहीं आकते और इसी कारण हम इसे चुकाने में भी सक्षम नहीं हो पाते हैं।

सफलता में, निवेश का मूल्य तुरंत प्रत्यक्ष नहीं होता। यह कोई प्राइस टैग नहीं जिसे हम देख सकें इसलिए जब मूल्य चुकाने का समय आता है तो यह कुछ अच्छा पाने के शुल्क की तरह प्रतीत नहीं होता। यह कुछ गलत करने के जुर्माना जैसा लगता है। इसलिए अधिकांश लोग यह मूल्य नहीं चुकाना चाहते है।

सफलता का मूल्य चुकाने का उपाय यह है कि हम खुद को यह समझये कि यह शुल्क इस योग्य है। अस्थिरता और अनिश्चितता का सामना करने का यही सही तरीका है कि सिर्फ इसे झेलना नहीं बल्कि यह समझ पाना कि यह एक चुकाने योग्य प्रवेश शुल्क है।


आप और मैं अलग है

निवेशक और ट्रेडर्स के लक्ष्य और समय सीमा अलग-अलग होती हैं। और यह हर संपत्ति वर्ग में होता है जो मूल्य एक व्यक्ति को हास्यस्पद लगते हैं। किसी दूसरे के लिए अर्थ पूर्ण हो सकते हैं क्योंकि जिन पहलुओं पर निवेशक और ट्रेडर्स ध्यान देते हैं वे अलग-अलग होते हैं।

बबल का दोष लालच पर मढ़कर वहीं रुक जाने से हम यह सबक सिखने से चूक जाते हैं कि पीछे मुड़कर देखने पर जो निर्णय लालची नजर आते हैं लोग उन्हें क्यों और कैसे तर्कसंगत ठहराते हैं।

यहां पर एक सीख यह है कि धन को लेकर कोई बात इतना मायने नहीं रखती जितना अपनी समय सीमा को समझना, और उन लोगों के व्यवहार और आचरण से प्रभावित न होना जो हमसे अलग खेल रहे हैं।


निराशावाद का बहकावा

वास्तविक आशावादी यह नहीं मानते कि सब अच्छा ही हो होगा। यह असावधानी होगी। आशावाद यह विश्वास है कि समय के साथ अच्छे परिणाम पाने का संभावनाएं हमारे पक्ष में है, तब भी जब रास्ते में रुकावटें आए।

कुछ बातें जो वित्तीय निराशावाद को आशावाद की तुलना में अधिक सरल, सामान्य और विश्वासप्रद्ध बना देती है।

  1. धन सर्वव्यापक है, इसलिये कुछ भी बुरा घटता है तो वह सबको प्रभावित करता है और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचता है।
  2. निराशावादी अक्सर वर्तमान ट्रेंड का बाहर से विश्लेषण करते हैं बिना इस पर ध्यान दिए की मार्केट किस प्रकार अनुकूल बन जाते हैं।
  3. प्रगति इतना धीरे होती है कि उसे देखा भी नहीं जा सकता, और असफलता इतनी तेजी से आती है कि उसे अनदेखा भी नहीं किया जा सकता।

निराशावाद से निपटने के लिए यह याद रखें, विकास कंपाउंडिंग द्वारा संचालित होता है जिसमें हमेशा समय लगता है। विनाश, असफलता की एकल बिंदुओं से संचालित होता है जो कुछ ही क्षणों में हो सकता है।


जब आप कुछ भी मान लेंगे

जितना अधिक हम किसी बात को सच होते देखना चाहते हैं। हमारी एक ऐसी कहानी पर विश्वास करने की उतनी ही संभावना है जो इसके सच होने के सहयोग अनुपात को वास्तविकता से अधिक सच बताती हो।

हम कितना कुछ नहीं जानते इस बात को मानने का मतलब यह मानना भी है कि दुनिया में होने वाला कितना कुछ है जो हमारे नियंत्रण से बाहर है। और यह स्वीकार करना कठिन हो सकता है।

हम जिसे सच होते देखना चाहते हैं और एक स्वीकार्य परिणाम के लिए जिसके सच होने की हमें आवश्यकता है। इसके बीच का अंतर जितना अधिक होगा उतना ही हम खुद को इन आकर्षित वित्तीय कल्पित कथाओं का शिकार होने से बचा पाएंगे


बुक कोट्स

इतिहास कभी खुद को नहीं दोहराता, मनुष्य हमेशा दोहराता है।

एक निवेशक की जोखिम उठाने की स्वेच्छा उसके व्यक्तिगत इतिहास पर निर्भर करती है।

किसी को भी इससे अचरज नहीं होगा कि हम में से काफी लोग अपने भविष्य के लिए बचत और निवेश में अच्छे नहीं है। हम मुर्ख नहीं है। हम सब बस नौसिखिए हैं।

कुछ भी इतना अच्छा या बुरा नहीं होता जितना वह दिखता है।

सफलता एक खराब शिक्षक है। यह होशियार लोगों को यह सोचने को लुभाती है कि वह कभी हार नहीं सकते।

असफलता भी एक खराब शिक्षक हो सकती है क्योंकि यह होशियार लोगों को यह मानने के लिए मजबूर करती है कि उनके निर्णय बहुत बेकार थे।

हिम युग से एक बड़ा सबक यह मिलता है कि जबरदस्त नतीजो के लिए जबरदस्त ताकत की आवश्यकता नहीं होती।

संपत्ति प्राप्त करना एक बात है। और इसे बनाए रखना दूसरी।

कोई भी योजना तभी सफल कहलाती है जब वह वास्तविकता की मार झेल सके।

हम आधे से ज्यादा बार गलत हो सकते हैं और फिर भी अधिक समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण यह नहीं है कि हम सही है या गलत है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि जब हम सही होते हैं तो हम कितना धन कमाते हैं और जब हम गलत होते हैं तो कितना नुकसान उठा रहे हैं।

अपने समय पर नियंत्रण पाना संपत्ति द्वारा प्रदान किया जाने वाला सबसे बड़ा लाभांश है।

कोई भी हमारी संपत्ति से इतना प्रभावित नहीं है जितना हम खुद है।

पैसा खर्च करके लोगों को दिखाना कि हमारे पास कितना पैसा है यह पैसे कम करने का सबसे तेज तरीका है।

एक निश्चित स्तर के बाद हमें बस वह चाहिए जो हमारे अहंकार के नीचे हो।

इतिहास परिवर्तन का अध्ययन है जिसका प्रयोग विडंबना से भविष्य के मानचित्र के रूप में किया जाता है।

जो चीज पहले कभी नहीं हुई वह हमेशा होती रहती है।

परम सुख प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि लक्ष्य छोटा रखा जाए।

आगे बढ़ने के लिए हमें जोखिम उठाना पड़ता है लेकिन ऐसा कोई भी जोखिम जो हमें बर्बाद कर दे लेने लायक नहीं है।

हर चीज का एक मूल्य होता है लेकिन हर मूल्य लेबल पर नहीं छपा होता।

आशावाद बिक्री के लिए की जाने वाली बातचीत जैसा सुनाई पड़ता है। निराशावाद किसी मदद करने वाले जैसा प्रतीत होता है।

मैं दुनिया के बारे में इससे बहुत कम जानता हूं जितना मुझे लगता है कि मैं जानता हूं।

जोखिम वह है जो तब भी बचा रह जाता है जब हम सोचते हैं कि हमने सब सोच लिया।


END

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